Russia-Ukraine conflict: ट्रंप ने रूस-यूक्रेन संघर्ष खत्म करने के लिए भेजी दो टीम

Anjali Kumari
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Russia-Ukraine conflict:

वॉशिंगटन, एजेंसियां। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि रूस–यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने का उनका ‘फूलप्रूफ प्लान’ लगभग तैयार है। ट्रंप ने कहा कि यह योजना अब “फाइन-ट्यून” कर दी गई है और अंतिम बातचीत के चरण में प्रवेश कर चुकी है। इसी रणनीति के तहत उन्होंने अपने दो दूत—अमेरिकी रियल एस्टेट कारोबारी स्टीव विटकॉफ और अमेरिकी आर्मी के सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल को रूस और यूक्रेन के शीर्ष नेतृत्व से बातचीत के लिए भेजा है।

ट्रंप के दूत सक्रिय रूस और यूक्रेन में गहन बातचीत:

स्टीव विटकॉफ को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के लिए भेजा गया है, जबकि डैन ड्रिस्कॉल यूक्रेनी अधिकारियों से शांति प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्हें लगातार इन वार्ताओं की अपडेट उपराष्ट्रपति जेडी वैंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ और चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स के साथ दी जा रही है।ट्रंप ने संकेत दिया कि वे स्वयं पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात कर सकते हैं, लेकिन यह तभी होगा जब युद्ध खत्म होने के समझौते पर बातचीत अंतिम स्तर पर पहुंच जाए।

ड्रिस्कॉल के प्रवक्ता ने बताया कि वार्ता “सकारात्मक और उम्मीदों से भरी” है। हालांकि, इसी दौरान रूस ने कीव पर ताबड़तोड़ मिसाइल हमले किए, जिनमें कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई। दूसरी ओर, यूक्रेन के दक्षिणी हमले में 3 रूसी नागरिकों की मौत की खबर है।

ट्रंप का प्लान क्या रूस के पक्ष में? तनाव बरकरार:

पिछले हफ्ते ट्रंप का प्रस्तावित शांति प्लान सामने आया था, जिसे यूक्रेन ने रूस-समर्थक बताया। इस कारण जेलेंस्की ने तुरंत अमेरिकी प्रशासन से बात की थी। इसके बावजूद वार्ताओं की गति तेज हुई है, जिसका संकेत फ्रांस और ब्रिटेन ने भी दिया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी उम्मीदें, शांति प्रयासों को मिली ‘नई गति’:

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि शांति प्रयास “निर्णायक मोड़” पर हैं और वार्ताओं में नई ऊर्जा देखी जा रही है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी कहा कि हालिया बैठकें सकारात्मक दिशा में बढ़ रही हैं।कुल मिलाकर, ट्रंप प्रशासन युद्ध खत्म करने के समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश में है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्या पुतिन और जेलेंस्की ट्रंप के प्रस्ताव पर सहमत होते हैं या नहीं क्योंकि यही इस युद्ध को समाप्त करने की सबसे बड़ी शर्त है।

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