Donald trump
वाशिंगटन, एजेंसियां। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को माफ करने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया है। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि मादुरो को किसी भी हाल में माफी नहीं दी जाएगी। उन्होंने वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि यह कोई तात्कालिक कदम नहीं, बल्कि अमेरिका की एक दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। ट्रंप के अनुसार, मादुरो ने ड्रग तस्करी गिरोहों से जुड़े लोगों को अमेरिका भेजा था, जिससे अमेरिकी सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हुआ।
ड्रग तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला
ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला से अमेरिका में ड्रग्स और अपराध से जुड़े नेटवर्क को बढ़ावा मिला, जिसे रोकना जरूरी था। इसी वजह से अमेरिका को सख्त कदम उठाने पड़े। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई पूरी तरह से राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में थी और इसका मकसद देश को दीर्घकालिक खतरों से बचाना है।
तेल और आर्थिक मदद पर भी बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल संसाधनों का इस्तेमाल वैश्विक तेल कीमतों को कम करने के लिए करेगा। इसके साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि काराकास को वित्तीय सहायता भी दी जाएगी। ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी प्रशासन अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज के नेतृत्व वाली सरकार के साथ काम कर रहा है, हालांकि हाल ही में रोड्रिग्ज ने ट्रंप को ‘लालची’ कहकर आलोचना भी की थी।
रूस-यूक्रेन तुलना को किया खारिज
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले की तुलना रूस-यूक्रेन युद्ध या चीन-ताइवान विवाद से किए जाने पर ट्रंप ने इसे सिरे से नकार दिया। उनका कहना था कि यह मामला बिल्कुल अलग है, क्योंकि मादुरो ने सीधे तौर पर अमेरिका के लिए खतरा पैदा किया था। ट्रंप के अनुसार, यह स्थिति न तो रूस-यूक्रेन जैसी है और न ही चीन-ताइवान विवाद से इसकी तुलना की जा सकती है।
टारगेटेड ऑपरेशन की पुष्टि
गौरतलब है कि 3 जनवरी को अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में एक टारगेटेड ऑपरेशन को अंजाम दिया था। इसके बाद ट्रंप ने घोषणा की थी कि मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिका लाया गया है। ट्रंप ने इस कार्रवाई को देश की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया।
