Iran protest: ईरान में इंटरनेट बंद होते ही भड़का जन आक्रोश, सड़कों पर उतरी भीड़

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Iran protest

तेहरान, एजेंसियां। ईरान में गुरुवार आधी रात को हालात उस वक्त और गंभीर हो गए, जब सरकार ने अचानक इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दीं। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया, जब देशभर में सरकार और सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन तेजी पकड़ रहे हैं। इंटरनेट कंपनी क्लाउडफ्लेयर और डिजिटल अधिकारों पर नजर रखने वाले संगठन नेटब्लॉक्स ने पुष्टि की है कि यह इंटरनेट ब्लैकआउट सरकारी आदेश पर किया गया है, जिसका मकसद प्रदर्शनों को रोकना और लोगों के आपसी संपर्क को तोड़ना बताया जा रहा है।

रजा पहलवी की अपील के बाद बढ़ा आंदोलन

इंटरनेट बंद होने का समय संयोग नहीं माना जा रहा है। दरअसल, यह फैसला उसी वक्त लिया गया जब ईरान के पूर्व शाह परिवार के वारिस प्रिंस रजा पहलवी ने लोगों से सड़कों पर उतरने की अपील की थी। सोशल मीडिया और चश्मदीदों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, तेहरान समेत कई शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने “तानाशाह मुर्दाबाद”, “इस्लामिक रिपब्लिक मुर्दाबाद” और “खामेनेई मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए। कुछ जगहों पर शाह समर्थक नारे भी सुनाई दिए, जो बीते दशकों में बेहद दुर्लभ माने जाते थे।

आर्थिक संकट बना गुस्से की बड़ी वजह

ईरान में जनता के गुस्से की बड़ी वजह लगातार बिगड़ती आर्थिक स्थिति है। महंगाई दर 42 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है और मुद्रा का भारी अवमूल्यन हुआ है।अमेरिकी प्रतिबंधों, बेरोजगारी और इजरायल से बढ़ते तनाव ने हालात और खराब कर दिए हैं। इसी नाराजगी ने बीते 12 दिनों में आंदोलन को और व्यापक बना दिया है।

सरकार के भीतर अलग-अलग सुर

जहां राष्ट्रपति मसूद पेशेज्कियान ने संयम बरतने और बातचीत की बात कही है, वहीं सर्वोच्च नेता खामेनेई और न्यायपालिका ने सख्त रुख अपनाया है। तीन साल में यह इस्लामिक सरकार के खिलाफ सबसे बड़ा आंदोलन माना जा रहा है।

यूएन और अमेरिका की प्रतिक्रिया

संयुक्त राष्ट्र ने हिंसा पर चिंता जताई है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार देने की अपील की है। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन वाले बयान पर ईरान सरकार ने कड़ा ऐतराज जताया है। हालात फिलहाल बेहद नाजुक बने हुए हैं।

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