Rape allegations
वॉशिंगटन, एजेंसियां। अमेरिका के कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामले में एक बार फिर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम सुर्खियों में आ गया है। अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट (DOJ) ने मंगलवार रात इस केस से जुड़े करीब 30 हजार पन्नों के नए दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं। इन फाइलों में ट्रंप और एपस्टीन की पुरानी जान-पहचान, निजी यात्राओं और कुछ गंभीर लेकिन अप्रमाणित आरोपों का उल्लेख किया गया है। इन जारी दस्तावेजों में ट्रंप पर रेप के आरोप का भी जिक्र है, हालांकि जस्टिस डिपार्टमेंट ने स्पष्ट किया है कि ये आरोप बिना पुख्ता सबूत के हैं और इन्हें प्रमाणित नहीं माना जाना चाहिए। विभाग ने दोहराया है कि एपस्टीन मामले में ट्रंप के खिलाफ कोई आपराधिक आरोप दर्ज नहीं है।
नई फाइलों के अनुसार
नई फाइलों के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से यह दावा किया था कि उन्होंने कभी एपस्टीन के निजी विमान में यात्रा नहीं की, लेकिन सामने आए फ्लाइट लॉग्स इस दावे से मेल नहीं खाते। दस्तावेजों में शामिल एक ईमेल के मुताबिक, ट्रंप ने 1993 से 1996 के बीच कम से कम आठ बार एपस्टीन के निजी जेट से यात्रा की थी। कुछ यात्राओं में उनकी तत्कालीन पत्नी मार्ला मैपल्स और बच्चे भी साथ बताए गए हैं। हालांकि इन यात्राओं को लेकर ट्रंप पर किसी अपराध का सीधा आरोप नहीं लगाया गया है।
रिकॉर्ड यह भी बताते हैं कि कई उड़ानों में एपस्टीन की करीबी सहयोगी गिस्लीन मैक्सवेल मौजूद थी, जिसे बाद में सेक्स ट्रैफिकिंग के मामले में दोषी ठहराया गया। एक 1993 की उड़ान में एपस्टीन, ट्रंप और एक 20 वर्षीय महिला के साथ होने का जिक्र है, जिसकी पहचान गोपनीय रखी गई है। कुछ अन्य उड़ानों में ऐसी महिलाओं के नाम भी दर्ज हैं, जिन्हें बाद में मैक्सवेल केस में संभावित गवाह माना गया।
2020 की FBI फाइल का जिक्र
सबसे विवादास्पद खुलासों में अक्टूबर 2020 की एक FBI फाइल का जिक्र है, जिसमें एक महिला ने दावा किया था कि उसके साथ ट्रंप और एपस्टीन दोनों ने दुष्कर्म किया। इसी फाइल में एक लिमोजीन ड्राइवर के बयान का उल्लेख है, जिसने 1995 में कथित तौर पर एक फोन कॉल सुनी थी। हालांकि FBI दस्तावेज यह स्पष्ट नहीं करते कि इन आरोपों की औपचारिक जांच हुई या नहीं। रिपोर्ट के अनुसार आरोप लगाने वाली महिला की बाद में संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई थी।
इन फाइलों में एपस्टीन का एक कथित हाथ से लिखा पत्र भी शामिल है, जिसमें राष्ट्रपति को लेकर आपत्तिजनक बातें लिखी गई हैं। जस्टिस डिपार्टमेंट ने इस पत्र की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि कई दस्तावेज 2020 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले बिना पूरी जांच के जमा किए गए थे। DOJ का कहना है कि ट्रंप के खिलाफ इस मामले में फिलहाल कोई आपराधिक कार्रवाई नहीं की गई है।
