Hardik Pandya
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 10 साल पूरे कर लिए हैं। इस खास मौके पर उन्होंने इसे उपलब्धि नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत बताया है। हार्दिक ने कहा कि वह अब भी उस रास्ते पर चलना शुरू ही कर रहे हैं, जिसका सपना उन्होंने बचपन में देखा था।
इंस्टाग्राम पोस्ट में छलका जज्बा
हार्दिक पांड्या ने 26 जनवरी 2016 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में वनडे डेब्यू किया था। गणतंत्र दिवस पर डेब्यू करना उनके लिए बेहद खास रहा। इंस्टाग्राम पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने लिखा कि 10 साल का यह सफर गर्व और कृतज्ञता से भरा रहा है। उन्होंने भगवान, परिवार, टीम मैनेजमेंट और फैंस का आभार जताते हुए कहा कि मुश्किलों ने उन्हें और मजबूत बनाया। हार्दिक ने साफ कहा—“ये तो बस शुरुआत है।”
बड़ौदा से टीम इंडिया तक का सफर
हार्दिक ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि बड़ौदा में वह अभ्यास के लिए अतिरिक्त मेहनत किया करते थे। कभी बल्लेबाज तो कभी गेंदबाज के रूप में खुद को साबित किया। 19 साल की उम्र में ऑलराउंडर बने, कई बार आलोचना झेली, लेकिन अंततः टीम इंडिया तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस खेल ने उन्हें इंसान से आदमी बनाया और वह इसी खेल के साथ आगे बढ़ते रहेंगे।
भारत की बड़ी जीतों में अहम योगदान
हार्दिक पांड्या भारत की व्हाइट-बॉल क्रिकेट में कई ऐतिहासिक जीतों का हिस्सा रहे हैं। 2024 टी20 वर्ल्ड कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जीत में उनकी भूमिका अहम रही। टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में आखिरी ओवर में विकेट लेकर उन्होंने भारत को यादगार जीत दिलाई थी।
करियर पर एक नजर
अब तक हार्दिक ने वनडे, टी20 और टेस्ट में शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और उपयोगी गेंदबाजी ने उन्हें टीम इंडिया का भरोसेमंद ऑलराउंडर बनाया है। 10 साल पूरे होने के बाद भी हार्दिक का मानना है कि उनका सर्वश्रेष्ठ अभी आना बाकी है।
