Sawan Pradosh Vrat 2025:
नई दिल्ली,एजेंसियां। सावन मास का अंतिम प्रदोष व्रत 6 अगस्त 2025, बुधवार को मनाया जा रहा है। इस दिन को बुध प्रदोष व्रत कहा जाता है। त्रयोदशी तिथि दोपहर 2:08 बजे से शुरू होकर अगले दिन 7 अगस्त को दोपहर 2:27 बजे तक रहेगी। पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7:08 से रात 9:16 बजे तक है। यह व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने का सर्वोत्तम दिन माना गया है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, अगर भक्त अपनी राशि के अनुसार विशेष चीजें शिवजी को अर्पित करें तो भोलेनाथ जल्दी प्रसन्न होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। जैसे:
मेष: दूध, लाल फूल, गुड़
वृषभ: चंदन, दही, मिश्री
मिथुन: दूर्वा, इलायची
कर्क: चावल, सफेद पुष्प
सिंह: गंगाजल, गुड़
कन्या: दूर्वा, अक्षत
तुला: सफेद फूल, जल
वृश्चिक: बेलपत्र, शहद
धनु: घी, केला
मकर: गंगाजल, बेलपत्र
कुंभ: नीला फूल, मिश्री
मीन: पीला फूल, चंदन
यह व्रत भक्ति, संयम और श्रद्धा का प्रतीक है। शिवजी की कृपा से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
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