Himachal snowfall:
शिमला, एजेंसियां। हिमाचल प्रदेश में चार महीने से चला आ रहा सूखे का दौर शुक्रवार को भारी बर्फबारी और बारिश के साथ खत्म हो गया। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच शिमला, मनाली, डलहौजी, चायल सहित कई पर्यटन स्थलों पर सीजन की पहली बर्फबारी हुई, जबकि निचले इलाकों में झमाझम बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई।
भारी बर्फबारी के कारण सड़कें बाधित
भारी बर्फबारी और बारिश के कारण प्रदेश में पांच राष्ट्रीय राजमार्गों समेत कुल 563 सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे अपर शिमला सहित कई इलाके पूरी तरह कट गए। विभिन्न स्थानों पर हजारों पर्यटक फंस गए, जिन्हें प्रशासन ने रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला। कुफरी-फागू और आनी क्षेत्र से लोगों को बचाया गया।
बिजली ठप
प्रदेश में 10,384 बिजली ट्रांसफार्मर ठप होने से सैकड़ों गांवों में अंधेरा छा गया है। परिवहन सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। शिमला-किन्नौर, मनाली-लेह, चंबा-भरमौर समेत कई अहम मार्ग बंद हैं, जिससे बसें और वाहन जगह-जगह फंसे रहे। दूध, ब्रेड और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
हवाई अड्डों पर उड़ानें रद्द
खराब मौसम के चलते कांगड़ा, कुल्लू और शिमला हवाई अड्डों पर उड़ानें रद्द रहीं, जबकि कालका-शिमला रेल मार्ग पर पेड़ गिरने से ट्रेनों का संचालन घंटों बाधित रहा। मनाली और बंजार उपमंडल में सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया गया है और मनाली विंटर कार्निवल के कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। लगातार बर्फबारी के बीच कुल्लू और लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले इलाकों में हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से संवेदनशील क्षेत्रों में न जाने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार और रविवार को हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है, जबकि 27 जनवरी को फिर से भारी बर्फबारी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने सड़क बहाली और बिजली आपूर्ति के लिए मशीनरी और टीमें तैनात कर दी हैं और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।


















