झारखंड में कम वोटिंग वाले पोलिंग बूथ की समीक्षा होगी [Polling booths with less voting in Jharkhand will be reviewed]

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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने दिए निर्देश

रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ बैठक कर कम मतदानवाले क्षेत्रों समीक्षा का निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा कि राज्य में लोकसभा निर्वाचन निष्पक्ष, भयमुक्त और शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने में निर्वाचन से जुड़े सभी पदाधिकारियों, कर्मियों ने अपनी महती भूमिका निभायी है। आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अभी से तैयारी प्रारंभ कर दी जाये।

बूथ अवेयरनेस और ईएलसी समूहों को सक्रिय करें

लोकसभा चुनाव के दौरान बने बूथ अवेयरनेस समूहों और ईएलसी समूहों को सक्रिय करना होगा।

उन्होंने निर्देश दिया कि सरकारी भवनों आदि पर दीवार लेखन कर संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर का नाम एवं नंबर अंकित करायें, ताकि कोई भी मतदाता अपने क्षेत्र के बीएलओ से सुगमता से संपर्क कर सकें।

वोटिंग लिस्ट प्रकाशन का कट ऑफ डेट 1 अक्टूबर

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि विधानसभा निर्वाचन के परिप्रेक्ष्य में मतदाता सूची के प्रकाशन का कट ऑफ डेट 1 अक्टूबर रखा जा रहा है।

इस तिथि के पूर्व घर-घर जाकर मतदाताओं का पुनरीक्षण कर लें। इस दौरान शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के सभी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से मिलान करते हुए नए मतदाताओं को जोड़ने के साथ जो मतदाता शिफ्ट कर चुकें हैं अथवा जिनकी मृत्यु हो गयी है, उनका नाम सूची में अद्यतन करें।

वाहन मालिकों को भुगतान हो

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि पदाधिकारी 80 प्रतिशत से कम मतदान वाले मतदान केंद्रों का स्वयं भौतिक निरीक्षण करें।

उन्होंने कहा कि लोकसभा निर्वाचन के पूर्व मतदान केंद्रों पर न्यूनतम सुविधा का सोशल आडिट टीम के द्वारा सर्वे कराया गया एवं मतदान के तीन दिन पूर्व पुनः उसका सर्वे कराया गया था।

उन्होंने सभी उप निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार शतप्रतिशत मतदान केंद्रों पर न्यूनतम सुविधा सुनिश्चित करायें।

उन्होंने कहा कि मतदान कर्मियों एवं मतदान कार्य में लगे वाहनों के मालिकों को नियमानुसार ससमय भुगतान सुनिश्चित करें।

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