Physical education compulsory:
रांची। झारखंड के सरकारी स्कूलों में अगले शैक्षणिक सत्र से पहली से 12वीं तक स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा अनिवार्य विषय के रूप में लागू होगी। इसका सिलेबस तैयार हो गया है। जेईपीसी के साथ-साथ झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) ने इसे अंतिम रूप दिया है। शिक्षा विभाग ने अब इसे मुख्यमंत्री को भेजा है।
पायलट प्रोजेक्ट सफलः
पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले हर जिले के पांच-पांच यानी कुल 120 स्कूलों में इसे तीन महीने के लिए लागू किया गया था। इसकी सफलता के बाद अगले शैक्षणिक सत्र से इसे सभी 35 हजार सरकारी स्कूलों में लागू करने की तैयारी है। सीएम की मंजूरी के बाद किताबें तैयार होंगी। खेल विभाग ने कहा है कि पाठ्यक्रम में सभी जरूरी बिंदुओं का समावेश किया गया है।
अभी राज्य में हैं 1400 शारीरिक शिक्षकः
शारीरिक शिक्षा का पाठ्यक्रम तैयार हो गया है, पर पूरे राज्य में अभी सिर्फ 1400 शारीरिक शिक्षक ही हैं। ये शिक्षक भी हाईस्कूल में ही हैं। 1-8 तक के बच्चों के लिए अभी शारीरिक शिक्षक नहीं हैं। नए पाठ्यक्रम के लागू होने पर सभी स्कूलों में ऐसे शिक्षक चाहिए, पर अभी विभाग पूर्व के शिक्षकों से ही काम लेगा। वर्तमान शिक्षकों को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है।
पाठ्यक्रम का हैंड बुक हुआ तैयारः
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) पाठ्यक्रम की मार्गदर्शिका सहहैंडबुक को अंतिम रूप दे चुकी है। इसमें विभिन्न कक्षाओं के पाठ्यक्रम के लिए अनुक्रमणिका दी हुई है। सीएम से अनुमोदन के बाद इस इस हैंड बुक का लोकार्पण होगा।
बच्चों को क्या-क्या जानकारी मिलेगीः
छोटे बच्चों को दौड़ना, भागना, गेंद फेंकना, गेंद पकड़ना, कूदना आदि सिखाया जाएगा।
स्वच्छता पर बल दिया जाएगा। अपने घरों के साथ-साथ अपने स्कूल ड्रेस और स्कूल को कैसे साफ रखें, बताया जाएगा।
किशोरों को बैड और गुड टच जैसी बातों के बारे में जागरूक किया जाएगा। इसी तरह, किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान अपनी देखभाल करना सिखाया जाएगा।
बड़े बच्चों को शारीरिक रूप से फिट रखने के साथ-साथ झारखंड की संस्कृति और खेल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी।
देश व राज्य के बड़े खिलाड़ियों की जीवनी पढ़ाई जाएगी, जिससे वे अपने राज्य को बेहतर तरीके से जान सकेंगे।
खेल जगत में राज्य की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जो पहचान बनी है, उसके बारे में भी बच्चों को बताया जाएगा।
छठी और उससे ऊपर के बच्चों को फुटबॉल, हॉकी, क्रिकेट, एथलेटिक्स, तैराकी, तीरंदाजी, खो-खो, कबड्डी आदि खेलों की जानकारी दी जाएगी और इनकी गतिविधियां कराई जाएंगी।
इसे भी पढ़ें

