कैरव गांधी किडनैपिंग केस में पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, तीन आरोपी गिरफ्तार,स्कॉर्पियो और हथियार भी बरामद

3 Min Read

Kairav ​​Gandhi kidnapping case

जमशेदपुर। जमशेदपुर के युवा उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। कैरव गांधी की सुरक्षित रिहाई के बाद पुलिस ने बिहार के गया और नालंदा जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर इस सनसनीखेज किडनैपिंग केस में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों से अलग-अलग थानों में पूछताछ की जा रही है और पूरे गिरोह की कड़ियां जोड़ने की कोशिश जारी है।

फिरौती मिलने के बाद छोड़ा गया कैरव

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अपहरणकर्ताओं ने फिरौती की रकम मिलने के बाद कैरव गांधी को रिहा किया। 26 जनवरी की देर रात उन्हें बिहार-झारखंड सीमा पर बरही-चौपारण के बीच एक सुनसान इलाके में छोड़ दिया गया था। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और जांच में तेजी लाई गई।

छापेमारी में वाहन और हथियार जब्त

पुलिस की छापेमारी के दौरान अपहरण में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो, एक अन्य कार और हथियार भी बरामद किए गए हैं। हालांकि, जिला पुलिस की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस की कई टीमें अभी भी बिहार में सक्रिय हैं और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।

फरार आरोपी सोनू की तलाश

जांच में यह भी सामने आया है कि जेम्को निवासी सोनू नाम का युवक इस अपहरणकांड में अहम भूमिका में था, जो फिलहाल फरार है। पुलिस ने उसके बिहार स्थित ससुराल में भी छापेमारी की, लेकिन वह हाथ नहीं लगा।

आरोपियों का आपराधिक इतिहास

गिरफ्तार आरोपी उपेंद्र सिंह और गुड्डू सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से रहा है। दोनों अपहरण, बैंक लूट और अवैध शराब कारोबार जैसे मामलों में जेल जा चुके हैं। वहीं, अर्जुन सिंह के बारे में बताया जा रहा है कि वह जल्द पैसा कमाने के लालच में इस गिरोह से जुड़ा।

पुलिस जांच और सवाल

हालांकि इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। अपहरण की सूचना मिलने के बावजूद सीमाएं समय पर सील नहीं हो सकीं और कई सीसीटीवी कैमरे खराब मिले, जिससे जांच में देरी हुई। फिलहाल पुलिस गिरोह के मास्टरमाइंड और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी हुई है।

Share This Article
Exit mobile version