Jharkhand health budget 2025:
रांची। झारखंड में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर 354.01 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण राशि मंजूर की है। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी करते हुए सभी जिलों के उपायुक्तों, सिविल सर्जनों और स्वास्थ्य संस्थानों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस फंड का उपयोग केवल निर्धारित निर्माण कार्य के लिए ही किया जाए। राशि का उपयोग उप-स्वास्थ्य केंद्रों, PHC, CHC और ब्लॉक स्वास्थ्य इकाइयों के नए भवन निर्माण में किया जाएगा।
पुराने अधूरे भवन बने बड़ी चुनौती:
हालांकि नया बजट राहत लेकर आया है, लेकिन झारखंड में कई स्वास्थ्य भवन ऐसे हैं जो वर्षों से अधूरे, जर्जर या हैंडओवर न होने के कारण बेकार पड़े हैं। रांची के ओरमांझी स्थित पांचा में लगभग 7 करोड़ की लागत से बना CHC पिछले 13 वर्षों से उपयोग में नहीं लिया जा सका। न सड़क बनी, न भवन विभाग को हैंडओवर हुआ, और अब परिसर के चारों ओर घना जंगल उग चुका है। नौ वर्षों से कोई भी भवन के अंदर प्रवेश तक नहीं कर पाया है।
रांची सदर अस्पताल का अधूरा क्वार्टर भी चिंता का विषय:
इसी तरह रांची सदर अस्पताल परिसर में डॉक्टरों के लिए 2008 में बनाए जा रहे बहुमंजिला क्वार्टर का काम 17 साल बाद भी अधूरा है। लगभग 20 करोड़ रुपये की DPR के बावजूद भवन आज पूरी तरह खराब अवस्था में है।
- 70–80% दीवारें सीपेज से क्षतिग्रस्त
- कई हिस्सों में दीवारें दरक चुकीं
- 7 मंजिला भवन में पेड़ों की जड़ें दीवारें कमजोर कर रही हैं
नई राशि का सही उपयोग अनिवार्य:
पुराने अधूरे प्रोजेक्ट्स राज्य के स्वास्थ्य ढांचे की कमजोरियों को उजागर करते हैं। इस बार सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि निर्माण की गुणवत्ता, समयसीमा और हैंडओवर प्रक्रिया पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। नई मंजूरी से उम्मीद है कि स्वास्थ्य केंद्रों की कमी दूर होगी, लेकिन पुराने अनुभवों को देखते हुए फंड का सही व पारदर्शी उपयोग सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
