Mineral transport vehicles:
रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने खनिज ढुलाई में लगे वाहनों से कंपोजिशन यूजर फी लेने को असंवैधानिक करार दिया है। अदालत ने राज्य सरकार द्वारा 2021 में जारी किए गए कंपोजिशन यूजर फी अवैध करार देते हुए इस पर रोक लगा दी। अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि राज्य सरकार द्वारा लगाया गया यह शुल्क टोल टैक्स के रूप में नहीं गिना जा सकता है। इसके लिए राज्य सरकार के पास कानूनी अधिकार नहीं है।
नियमों का उल्लंघन हुआः
अदालत ने पाया कि राज्य सरकार ने लेवी ऑफ टोल्स एक्ट, 1851 के तहत निर्धारित प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया था। यह एक्ट राज्य को केवल उन सड़कों और पुलों पर शुल्क वसूलने की अनुमति देता है, जो राज्य सरकार ने अपने खर्च पर बनाए या मरम्मत किए हों। चूंकि राज्य ने उन सड़कों और पुलों की पहचान नहीं की, जिन पर यह शुल्क लागू किया जाना था। इसलिए अदालत ने इस नियम को असंवैधानिक करार दिया है।
सड़कों पर शुल्क वसूलने का अधिकार भी नहीः
अदालत ने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में बनाई जाने वाली सड़कों पर शुल्क वसूलने का अधिकार भी नहीं रखती है। क्योंकि यह शुल्क केवल उन सड़कों पर ही लागू हो सकता है जो पहले से निर्मित या मरम्मत किए गए हों। इसलिए, राज्य सरकार का यह तर्क कि वह भविष्य में बनने वाली सड़कों पर भी शुल्क वसूल सकती है, को नकारा गया। अदालत ने कहा कि कंपोजिशन यूजर फी का भुगतान कर चुके लोगों की फीस अन्य देनदारी में समायोजित की जाए।
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