नई दिल्ली: स्वास्थ्य जगत में इन दिनों ‘पेप्टाइड थेरेपी’ (Peptide Therapy) की धूम है। बड़े-बड़े एथलीट और सेलिब्रिटी इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इसे आधुनिक विज्ञान का ‘अमृत‘ माना जा रहा है। आइए जानते हैं इसके बारे में सब कुछ।
पेप्टाइड क्या होते हैं?
हमारा शरीर अमीनो एसिड से बना है। जब ये एसिड एक छोटी चेन बनाते हैं, तो इन्हें पेप्टाइड कहते हैं। ये शरीर में ‘मैसेंजर’ का काम करते हैं। ये अंगों को काम करने का निर्देश देते हैं।
यह थेरेपी कैसे काम करती है?
उम्र बढ़ने के साथ शरीर में पेप्टाइड्स कम होने लगते हैं। थेरेपी के जरिए इन्हें शरीर में वापस डाला जाता है। यह कोई बाहरी दवा नहीं है। यह शरीर को खुद को ठीक करने का सिग्नल देती है।
प्रमुख पेप्टाइड्स और उनके फायदे
| पेप्टाइड का नाम | मुख्य लाभ |
| BPC-157 | चोट और घाव को तेजी से भरता है। |
| CJC-1295 | मांसपेशियों को बढ़ाता है और चर्बी घटाता है। |
| GHK-Cu | त्वचा को जवान बनाता है और झुर्रियां मिटाता है। |
| Ipamorelin | अच्छी नींद और बेहतर मेटाबॉलिज्म देता है। |
| PT-141 | यौन स्वास्थ्य और इच्छा को बढ़ाता है। |
पेप्टाइड थेरेपी क्यों है खास?
- वजन कम करना: यह मेटाबॉलिज्म को तेज करती है।
- बुढ़ापा रोकना: यह त्वचा में कसावट लाती है।
- दिमागी ताकत: यह एकाग्रता और याददाश्त बढ़ाती है।
- बेहतर रिकवरी: जिम की थकान और दर्द को कम करती है।
डॉक्टरों की क्या राय है?
प्रसिद्ध डॉक्टर और शोधकर्ता पेप्टाइड्स को सुरक्षित मानते हैं। ‘इंटरनेशनल पेप्टाइड सोसाइटी’ के अनुसार, पेप्टाइड्स प्राकृतिक होते हैं। इसलिए इनके दुष्प्रभाव बहुत कम होते हैं। हालांकि, इसे हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही लेना चाहिए।
इलाज का तरीका
यह थेरेपी इंजेक्शन, क्रीम या नेजल स्प्रे के रूप में ली जा सकती है। सबसे ज्यादा असर इंजेक्शन से होता है। इसे घर पर भी आसानी से लिया जा सकता है।
सावधानी की बातें
- केवल लैब से प्रमाणित पेप्टाइड ही खरीदें।
- खुद से डोज तय न करें।
- शुरुआती दिनों में हल्की थकान महसूस हो सकती है।
पेप्टाइड थेरेपी बीमारियों के इलाज का भविष्य है। यह शरीर को अंदर से मजबूत बनाती है। अगर आप बढ़ती उम्र या पुरानी चोट से परेशान हैं, तो यह आपके लिए वरदान है।
