TikTok concerns in the US
नई दिल्ली, एजेंसियां। अमेरिका में लोकप्रिय शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म टिकटॉक को लेकर एक बार फिर चिंता गहराती नजर आ रही है। अपने अमेरिकी कारोबार के लिए नए जॉइंट वेंचर की घोषणा के बाद बड़ी संख्या में यूजर्स टिकटॉक एप डिलीट कर रहे हैं। मार्केट रिसर्च कंपनी सेंसर टावर के मुताबिक, पिछले पांच दिनों में टिकटॉक हटाने वाले अमेरिकी यूजर्स की संख्या पिछले तीन महीनों के औसत की तुलना में करीब 150 प्रतिशत ज्यादा रही है।
क्या है विवाद की असली वजह?
दरअसल, पिछले हफ्ते टिकटॉक ने अमेरिका में एप संचालन के लिए एक नया जॉइंट वेंचर बनाने की जानकारी दी थी, जिसकी जिम्मेदारी एडम प्रेसर को सौंपी गई है। इसके बाद यूजर्स को एक नई प्राइवेसी पॉलिसी स्वीकार करने का नोटिफिकेशन मिला। यहीं से विवाद ने तूल पकड़ लिया। यूजर्स को आशंका है कि नई पॉलिसी के तहत टिकटॉक संवेदनशील निजी जानकारी एकत्र कर सकता है, जिसमें जाति या नस्ल से जुड़ा डाटा, यौन जीवन या पहचान, ट्रांसजेंडर या नॉन-बाइनरी पहचान, नागरिकता या इमिग्रेशन स्टेटस और वित्तीय जानकारी शामिल हो सकती है।
रिपोर्ट्स के अनुसार
हालांकि रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि ऐसे प्रावधान नए नहीं हैं और अगस्त 2024 की पॉलिसी में भी इस तरह की बातें मौजूद थीं। इसके बावजूद जॉइंट वेंचर की घोषणा के बाद यूजर्स के बीच भरोसे की कमी और प्राइवेसी को लेकर डर फिर से बढ़ गया है।
क्रिएटर्स का भरोसा टूटा
इस असमंजस का असर कंटेंट क्रिएटर्स पर भी साफ दिख रहा है। कई बड़े क्रिएटर्स ने टिकटॉक छोड़ने या अपना कंटेंट अन्य प्लेटफॉर्म्स पर शिफ्ट करने की बात कही है। कुछ क्रिएटर्स का कहना है कि कंपनी ने नई व्यवस्था को लेकर साफ संवाद नहीं किया, जिससे भ्रम और असुरक्षा का माहौल बन गया। हाल के दिनों में एप में आई तकनीकी दिक्कतों ने भी यूजर्स की नाराजगी बढ़ाई है। कई लोग वीडियो अपलोड नहीं कर पा रहे थे। टिकटॉक ने सफाई दी कि यह समस्या अमेरिका के एक डाटा सेंटर में बिजली बाधित होने के कारण हुई थी।
टिकटॉक के यूजर्स के संख्या में गिरावट
हालांकि टिकटॉक के एक्टिव यूजर्स की संख्या में अभी कोई बड़ी गिरावट दर्ज नहीं की गई है, लेकिन इसका फायदा उसके प्रतिद्वंद्वी प्लेटफॉर्म्स को जरूर मिला है। कुछ नए और उभरते एप्स में रिकॉर्ड ग्रोथ देखी जा रही है। वहीं कई क्रिएटर्स अनिश्चित भविष्य को देखते हुए इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर अपना फोकस बढ़ा रहे हैं।
कुल मिलाकर, अमेरिका में टिकटॉक को लेकर प्राइवेसी और भरोसे का मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि कंपनी यूजर्स और क्रिएटर्स की चिंताओं को कैसे दूर करती है।
