Web Series Review
मुंबई, एजेंसियां। चार साल के लंबे इंतजार के बाद अमेजन प्राइम वीडियो की चर्चित वेब सीरीज ‘फोर मोर शॉट्स प्लीज’ अपने चौथे और आखिरी सीजन के साथ लौट आई है। कभी इसे भारतीय ओटीटी की ‘सेक्स एंड द सिटी’ कहा गया था, लेकिन 2025 की समझदार और परिपक्व ऑडियंस के सामने यह शो अब उतना असरदार नहीं लगता। बदलते वक्त के साथ जहां महिलाओं की आज़ादी और आत्मनिर्भरता आम हकीकत बन चुकी है, वहीं यह सीरीज अब भी उसी पुराने ग्लॉसी और शोर-शराबे वाले फॉर्मूले में फंसी नजर आती है।
क्या है सीजन 4 की कहानी ?
सीजन 4 की कहानी वहीं से शुरू होती है, जहां पिछला सीजन खत्म हुआ था। सिद्धि की शादी, चारों सहेलियों की ज़िंदगी का नया पड़ाव और रिश्तों के बदलते समीकरण इस सीजन का आधार हैं। अंजना अपनी बेटी और करियर के बीच संतुलन तलाशती है, दमयंती परिवार से जुड़े रिश्तों को सुलझाने में लगी है, उमंग अतीत से निकलने की कोशिश करती है और सिद्धि अपनी निजी और प्रोफेशनल ज़िंदगी के बीच उलझी रहती है।
निर्देशन और लेखन की सबसे बड़ी कमजोरी यही है कि शो अब भी पुराने मुद्दों को नए अंदाज में दोहराता दिखता है। टकीला शॉट्स, महंगे कपड़े और लग्जरी लाइफस्टाइल के बीच असली संघर्ष कहीं खो जाता है। फेमिनिज्म को अब भी शोर और शॉक वैल्यू तक सीमित रखा गया है, जबकि आज की ऑडियंस इससे आगे की कहानी चाहती है।
इस सीजन में किसकी अभिनय किस पर भारी पड़ी
अभिनय की बात करें तो कीर्ति कुल्हारी इस सीजन की सबसे मजबूत कड़ी हैं। सयानी गुप्ता और मानवी गगरू ने भी ईमानदार कोशिश की है, हालांकि किरदारों की कमजोर राइटिंग उन्हें पूरा उभरने नहीं देती। बानी जे का ट्रैक इस बार सबसे ज्यादा बिखरा हुआ लगता है। डिनो मोरिया और कुणाल रॉय कपूर की मौजूदगी शो को थोड़ी राहत देती है।
कुल मिलाकर, ‘फोर मोर शॉट्स प्लीज सीजन 4’ अपने पुराने फैंस के लिए एक नॉस्टैल्जिक विदाई है। यह सीरीज बताती है कि कभी-कभी सही वक्त पर रुक जाना ही सबसे समझदारी भरा फैसला होता है। दोस्ती का ये आखिरी जाम है, लेकिन इसका नशा अब पहले जैसा नहीं रहा।
