JBVNL tariff 2025
रांची। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2030-31 के लिए प्रस्तावित बिजली टैरिफ जारी कर दिया है। प्रस्ताव के मुताबिक घरेलू ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट बिजली दर में बड़ी बढ़ोतरी की गई है। ग्रामीण घरेलू बिजली दर को 6.70 रुपये प्रति यूनिट से बढ़ाकर 10.20 रुपये और शहरी घरेलू दर को 6.85 रुपये प्रति यूनिट से बढ़ाकर 10.30 रुपये करने का प्रस्ताव है। इससे ग्रामीण उपभोक्ताओं पर 3.50 रुपये और शहरी उपभोक्ताओं पर 3.45 रुपये प्रति यूनिट का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं का फिक्स्ड चार्ज क्या है?
सिर्फ यूनिट दर ही नहीं, बल्कि फिक्स्ड चार्ज में भी उल्लेखनीय वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है। घरेलू ग्रामीण उपभोक्ताओं का फिक्स्ड चार्ज 75 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये और शहरी उपभोक्ताओं का फिक्स्ड चार्ज 100 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति माह करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा घरेलू एचटी, व्यवसायिक ग्रामीण-शहरी, सिंचाई, एलटीआईएस और एचटीआईएस श्रेणियों के टैरिफ और फिक्स्ड चार्ज में भी बढ़ोतरी सुझाई गई है।
जेबीवीएनएल का तर्क क्या है?
जेबीवीएनएल का तर्क है कि बढ़ती बिजली खरीद लागत, संचालन और रखरखाव खर्च, साथ ही नेटवर्क सुधार और स्मार्ट मीटरिंग जैसी योजनाओं के कारण टैरिफ बढ़ाना जरूरी हो गया है। निगम के अनुसार वर्ष 2025-26 में बिजली खरीद पर करीब 8726 करोड़ रुपये और संचालन व रखरखाव पर लगभग 973 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं 2030-31 तक एग्रीगेट रेवेन्यू रिक्वायरमेंट 16846 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। इसके अलावा आरडीएसएस योजना, स्मार्ट मीटरिंग और नेटवर्क सुधार पर लगभग 3900 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है।
जेबीवीएनएल ने उपभोक्ताओं से क्या सुझाव मांगी है?
जेबीवीएनएल ने उपभोक्ताओं से 16 जनवरी 2026 तक सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। इसके बाद झारखंड विद्युत नियामक आयोग सार्वजनिक सुनवाई करेगा और उसी के आधार पर अंतिम टैरिफ तय किया जाएगा। जानकारों का कहना है कि पूर्व में भी निगम ने इसी तरह बढ़ोतरी के प्रस्ताव दिए हैं, लेकिन आयोग ने ट्रांसमिशन लॉस और प्रबंधन की खामियों का बोझ उपभोक्ताओं पर डालने से इनकार किया है।
