Mokama Election Results 2025:
पटना, एजेंसियां। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मोकामा सीट एक बार फिर राज्य की सबसे चर्चित और हाई-प्रोफाइल सीट बन गई है। पटना से लगभग 90 किलोमीटर दूर स्थित यह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 178 लंबे समय से बाहुबल और भूमिहार राजनैतिक प्रभाव के लिए जाना जाता रहा है। इस बार मुकाबला और भी दिलचस्प इसलिए है क्योंकि मैदान में दोनों ही दावेदार बाहुबली परिवारों से आते हैं।
अनंत सिंह आगे:
जदयू के उम्मीदवार अनंत सिंह शुरुआती रुझानों में आगे चल रहे हैं, जबकि उनके सामने हैं पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की पत्नी और राजद प्रत्याशी वीणा देवी। दोनों उम्मीदवार एक ही भूमिहार समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, जिससे मुकाबला और तीखा हो गया है। मोकामा का राजनीतिक इतिहास लंबे समय से दबंग नेताओं के इर्द-गिर्द घूमता रहा है। 1980 और 1985 में कांग्रेस के श्याम सुंदर सिंह धीरज दो बार विधायक बने थे। 1990 और 1995 में उनके समर्थक दिलीप सिंह ने जीत दर्ज की। वर्ष 2000 में सूरजभान सिंह की एंट्री के बाद सीट पर बाहुबल की नई कहानी शुरू हुई।
2005 में अनंत सिंह ने राजनीति में कदम रखा और जदयू के टिकट पर लगातार दो बार (फरवरी और अक्टूबर 2005) जीत हासिल की। 2010 में भी उनकी जीत जारी रही। 2015 में वे निर्दलीय जीते और 2020 में राजद के टिकट पर फिर विधायक बने। 2022 के उपचुनाव में उनकी पत्नी विजयी रहीं। 2025 के इस चुनाव में मोकामा एक बार फिर दो बाहुबलियों—अनंत सिंह बनाम सूरजभान सिंह—की सीधी टक्कर का मैदान बना हुआ है। पहले यह सीट महागठबंधन और एनडीए के पारंपरिक समीकरणों पर चलती थी, जिसमें सवर्ण, वैश्य, कुर्मी, कुशवाहा वोट एनडीए की तरफ जाते थे, जबकि यादव-मुस्लिम-ओबीसी और कुछ दलित वोट महागठबंधन का आधार रहे हैं।
लेकिन इस बार समीकरण काफी बदल गए हैं। यादव नेता दुलारचंद यादव की हत्या के बाद जो मुकाबला त्रिकोणीय दिख रहा था वह अब दो-ध्रुवीय बन गया है। इस बार निर्णायक भूमिका धानुक, कुर्मी और दलित मतदाताओं की मानी जा रही है। फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मोकामा में किसका दबदबा कायम रहता है—अनंत सिंह का या सूरजभान परिवार का।







