Liquor shops in Hazaribagh:
हजारीबाग। जिले में खुदरा शराब दुकानों की बंदोबस्ती को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। उत्पाद विभाग द्वारा ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से शराब दुकानों का आवंटन किया गया, जिसके बाद स्थानीय व्यापारियों और इच्छुक आवेदकों ने विरोध जताया है। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में झारखंड और खासतौर पर हजारीबाग के स्थानीय लोगों की अनदेखी की गई है, जबकि उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे बाहरी राज्यों के लोगों को सिंडिकेट के माध्यम से प्राथमिकता दी गई।
समाहरणालय परिसर में हंगामा
इस मुद्दे को लेकर समाहरणालय परिसर, हजारीबाग में विरोध-प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि शराब दुकान के लाइसेंस सिर्फ झारखंड के स्थानीय निवासियों को ही दिए जाएं।
62 दुकानों की बंदोबस्ती, 139 करोड़ का लक्ष्य
इस बीच, सहायक आयुक्त उत्पाद, हजारीबाग ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की शेष अवधि के लिए कुल 62 शराब दुकानों की बंदोबस्ती की गई है।
59 कम्पोजिट दुकानें (देशी + विदेशी)
03 देशी शराब की दुकानें को 28 समूहों में विभाजित कर आवंटित किया गया है।इनसे ₹139 करोड़ का राजस्व लक्ष्य तय किया गया है। बंदोबस्त की गई अनुज्ञप्तियाँ 31 मार्च 2030 तक मान्य रहेंगी।
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