Trump Xi Jinping meeting 2025: ट्रम्प-जिनपिंग 6 साल बाद मिले, साउथ कोरिया में द्विपक्षीय बातचीत शुरू फेंटेनाइल ड्रग और ताइवान पर हो सकती है चर्चा

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Trump Xi Jinping meeting 2025:

सियोल, एजेंसियां। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने गुरुवार को 6 साल बाद साउथ कोरिया में मुलाकात की है। दोनों नेताओं ने हाथ मिलाकर एक-दूसरे का अभिवादन किया। दोनों के बीच द्विपक्षीय बातचीत शुरू हो गई है। 2019 के बाद दोनों की यह पहली मुलाकात है।
इस दौरान ट्रम्प ने कहा कि हमारी मुलाकात बहुत कामयाब होगी, इसमें मुझे कोई शक नहीं है। उन्होंने आगे कहा, शी (चीनी राष्ट्रपति) बहुत सख्त वार्ताकार हैं, ये अच्छी बात नहीं है। हम एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते हैं।

ट्रेड वार को कम करने की कोशिशः

यह मुलाकात दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच चल रहे ट्रेड वॉर को कम करने की कोशिश है। आज की बातचीत में ट्रेड डील और टैरिफ के अलावा, ताइवान के इलाके में लगातार चीनी सेना का दखल और अमेरिका में अवैध फेंटेनाइल ड्रग की तस्करी का मुद्दा भी शामिल हो सकता है।

चीन से व्यापार समझौता करना चाहते हैं ट्रम्पः

ट्रम्प चीन के साथ व्यापार समझौता करना चाहते हैं। इस समझौते में अमेरिकी सोयाबीन की खरीद और रेयर खनिजों पर प्रतिबंध हटाने जैसे मुद्दे शामिल हैं।

अमेरिका ने फरवरी 2025 में 10% टैरिफ लगाया था, जो अप्रैल तक 145% हो गया। फिलहाल चीन पर अमेरिका ने 30% टैरिफ लगाया है। ट्रम्प को लगता है कि यह डील उनकी “महान डीलमेकर” की छवि को और मजबूत करेगी।

ट्रम्प ने चीन को दी थी धमकीः

यह बातचीत तब हुई जब ट्रम्प ने 1 नवंबर से चीनी सामानों पर 100% टैक्स लगाने और अन्य व्यापार नियम कड़े करने की धमकी दी थी। यह धमकी चीन की तरफ से कुछ खास खनिजों और मैग्नेट के निर्यात पर रोक लगाने के बाद आई थी।

ट्रम्प यूक्रेन जंग रोकने के लिए जिनपिंग की मदद चाहते हैः

इसके अलावा, ट्रम्प रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए चीन की मदद चाहते हैं। पिछले हफ्ते ट्रम्प ने रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों पर पाबंदी लगाई, जिसका चीन ने विरोध किया।
ट्रम्प ने कहा कि शी जिनपिंग के साथ रूसी तेल खरीद पर भी बात होगी। उन्होंने दावा किया कि चीन रूस से तेल खरीद “बहुत कम” कर रहा है।

ताइवान भी है बड़ा मुद्दाः

ताइवान भी मुलाकात एजेंडे में रहेगा। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, लेकिन अमेरिका ताइवान को हथियार देता है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को कहा कि ताइवान को छोड़ना व्यापार सौदे का हिस्सा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ताइवान को अपनी स्थिति को लेकर चिंता है और यह जायज है।

अमेरिका को चीन के रेयर खनिज की जरूरतः

अमेरिका को अपने डिफेंस इंडस्ट्री के लिए रेयर खनिज की जरूरत है। ये खनिज चीन से आते हैं। चीन दुनिया के 90% से अधिक रेयर अर्थ मटेरियल की रिफाइनिंग और प्रोसेसिंग करता है। अमेरिका की 70% सप्लाई भी उसी पर निर्भर है।

इन खनिजों से मजबूत मैग्नेट बनते हैं। ये मैग्नेट मिसाइलों, फाइटर जेट्स, टैंकों और तोपों में लगते हैं। इलेक्ट्रिक गाड़ियां भी इन्हीं से चलती हैं। चीन ने अब तक 12 रेयर अर्थ मेटल के निर्यात पर रोक लगाई है। इससे अमेरिका और यूरोप की मिलिट्री पर असर पड़ा है।

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