Section 144 Rawalpindi:
इस्लामाबाद, एजेंसियां। पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की स्थिति को लेकर विवाद और तनाव तेजी से बढ़ रहा है। उनकी मौत की अफवाहों और लगातार बढ़ते राजनीतिक दबावों के बीच 2 दिसंबर को उनकी बहनों और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात तय हुई थी। लेकिन मुलाकात से पहले ही पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद और रावलपिंडी में धारा 144 लागू कर दी, जिससे इन दोनों शहरों में कर्फ्यू जैसे हालात बन गए हैं।
रावलपिंडी में 3 दिसंबर तक रोक:
डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामाबाद के जिला मजिस्ट्रेट ने राजधानी क्षेत्र में 18 जनवरी 2026 तक धारा 144 लागू कर दी है, जबकि रावलपिंडी में यह 3 दिसंबर तक जारी रहेगा। आदेश के मुताबिक, किसी भी जगह चार या उससे अधिक लोगों के जुटने पर रोक है। रैलियों, जुलूसों और प्रदर्शनों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन ने खुफिया इनपुट का हवाला देते हुए कहा कि कुछ समूह अवैध सभाओं और संभावित हिंसक प्रदर्शनों की योजना बना रहे थे, इसलिए यह कदम जरूरी हो गया।
PTI समर्थकों को रोकने के लिए सख्ती:
सरकार की इस कार्रवाई को इमरान खान के समर्थन में जुटने वाले PTI समर्थकों को रोकने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। जिला इंटेलिजेंस कमेटी की रिपोर्ट में बताया गया कि कुछ तत्व संवेदनशील ठिकानों, मुख्य सड़कों और सरकारी ढांचों को निशाना बना सकते हैं। इसी आधार पर रावलपिंडी में सार्वजनिक सभाओं, हथियारों के प्रदर्शन और किसी भी तरह के विरोध कार्यक्रम पर पूर्ण रोक लगा दी गई है।
मुलाकात बंद पर परिवार ने जताई चिंता:
इमरान खान पिछले दो साल से अडियाला जेल में हैं और उन पर कई केस चल रहे हैं, जिन्हें वे राजनीतिक प्रतिशोध बता चुके हैं। पिछले चार हफ्तों से उनके परिवार या वकीलों को उनसे मिलने नहीं दिया गया। उनकी बहनों ने आरोप लगाया है कि उन्हें लगातार रोका जा रहा है और अब वे उनके जीवित होने का प्रमाण मांग रही हैं। अदालत की अनुमति होने के बावजूद मुलाकात नहीं होने पर PTI ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट और जेल के बाहर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।धारा 144 के लागू होने के बाद मुलाकात होगी या नहीं, इस पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। राजनीतिक तनाव के बीच स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।







