National Guard attack news:
वॉशिंगटन, एजेंसियां। वॉशिंगटन में नेशनल गार्ड के जवानों पर हुए हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने गुरुवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए अफगानिस्तान सहित 19 देशों के सभी ग्रीन कार्ड धारकों की आव्रजन स्थिति की विस्तृत और कठोर समीक्षा का आदेश दिया है। यह आदेश उस घटना के बाद आया है जिसमें एक महिला नेशनल गार्ड सैनिक की मौत हो गई और दूसरा सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गया। बता दें पुलिस द्वारा गिरफ्तार संदिग्ध 29 वर्षीय अफगान नागरिक बताया जा रहा है, जो पहले अफगानिस्तान में अमेरिकी सेनाओं के साथ काम कर चुका था और उसे इसी वर्ष अप्रैल में शरणार्थी का दर्जा दिया गया था।
ट्रंप प्रशासन का निर्णय:
अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवाओं (USCIS) के निदेशक ने जानकारी दी कि राष्ट्रपति के निर्देश पर ‘कंसर्न्ड कंट्रीज’ से आने वाले हर विदेशी के ग्रीन कार्ड की फाइलों की पूर्ण पैमाने पर जांच की जाएगी। ट्रंप प्रशासन के इस निर्णय के तहत 19 देशों के स्थायी निवासियों की पृष्ठभूमि दोबारा खंगाली जाएगी। इनमें से 12 देशों अफगानिस्तान, म्यांमार, चाड, कांगो-ब्राजाविले, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन पर लगभग पूर्ण प्रवेश प्रतिबंध पहले से लागू हैं।
इसके अलावा सात अन्य देशों बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला—पर आंशिक प्रतिबंध लागू हैं, जहां केवल कुछ श्रेणी के अस्थायी वर्क वीजा की अनुमति दी जाती है। USCIS निदेशक मार्क एडलो ने कहा कि यह समीक्षा अत्यंत विस्तृत होगी और इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी तरह की सुरक्षा चूक न हो। उन्होंने कहा कि नेशनल गार्ड के सदस्यों पर हुए हालिया हमले ने इस प्रक्रिया की आवश्यकता को और स्पष्ट कर दिया है।
एडलो का बयान:
एडलो ने बयान में कहा कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ट्रंप प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि पिछले वर्षों की ‘लापरवाह पुनर्वास नीतियों’ के कारण अमेरिकी नागरिक किसी भी तरह के जोखिम का सामना न करें। इस निर्णय से सूचीबद्ध देशों के हजारों ग्रीन कार्ड धारकों पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है और कई लोगों की फाइलों की दोबारा जांच की जाएगी।







