Bondi Beach attack
कैनबरा, एजेंसियां। ऑस्ट्रेलिया के बोंडी बीच पर हुए भीषण हमले के बाद प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने यहूदी समुदाय से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर वह बेहद शर्मिंदा महसूस करते हैं और भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार कभी आतंकियों को ऑस्ट्रेलियाई समाज को बांटने नहीं देगी। यह हमला 14 दिसंबर को उस वक्त हुआ था, जब यहूदी समुदाय हनुक्का उत्सव मना रहा था। इस फायरिंग में 15 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे।
नेतन्याहू ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार पर साधा निशाना
इस मामले में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि उसने यहूदी विरोधी घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए और फिलिस्तीन को मान्यता देकर आतंकवाद को बढ़ावा दिया। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम अल्बनीज ने साफ कहा कि फिलिस्तीन को मान्यता देने का बोंडी बीच हमले से कोई संबंध नहीं है।
अल्बनीज ने कहा कि शुरुआती जांच में इस हमले में आईएसआईएस से जुड़ी चरमपंथी विचारधारा की झलक मिली है, जो इस्लाम का एक विकृत रूप है और किसी भी देश को मान्यता देने से इसका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह हमला स्पष्ट रूप से यहूदी विरोधी था और इसका मकसद नफरत फैलाना था। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और तथ्य सामने आएंगे, लेकिन अभी तक के संकेत किसी राजनीतिक फैसले से इस हमले को जोड़ने का समर्थन नहीं करते।
प्रधानमंत्री अल्बनीज ने बताया
प्रधानमंत्री अल्बनीज ने बताया कि सरकार यहूदी समुदाय और अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। इसी कड़ी में 16 दिसंबर को उन्होंने हेट स्पीच और हिंसा भड़काने पर सख्त आपराधिक कार्रवाई, नाजी सैल्यूट पर प्रतिबंध, यहूदी स्थलों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त फंडिंग और गन लॉ को और सख्त करने की घोषणा की थी। ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने दोहराया कि उनका देश आतंकवाद और नफरत के खिलाफ एकजुट है और किसी भी चरमपंथी विचारधारा को समाज में जड़ें जमाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।






