पटना से दिल्ली तक बढ़ी सियासी हलचल
पटना। बिहार में एक बार फिर सियासी हलचल बढ़ती दिख रही है। पटना से लेकर दिल्ली तक सियासी गतिविधियां एकाएक बढ़ गई हैं। दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को अचानक राजभवन पहुंचे। वह एक सरकारी कार्यक्रम छोड़कर राजभवन पहुंचे थे।
सीएम नीतीश कुमार के साथ उनके करीबी मंत्री विजय चौधरी भी थे। बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के पहले राज्यपाल से यह सामान्य मुलाकात है या कोई और बात है, इसे लेकर सियासी हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
दोनों के बीच करीब 40 मिनट तक बातचीत हुई। इसके बाद सीएम नीतीश कुमार राजभवन से वापस लौट गए। इससे पहले सीएम नीतीश कुमार पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए। उस समारोह में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी साथ में थे। सीएम तेजस्वी को छोड़ कर निकल गये थे।
इस मुलाकात को जेडीयू ने बताया औपचारिक
सीएम नीतीश के राजभवन जाने पर जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि इस बारे में मुझे पहले से जानकारी नहीं है। बस इतनी जानकारी है कि राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मंत्री विजय कुमार चौधरी महामहिम राज्यपाल से मिलने गए हैं।
महामहिम राज्य के प्रथम नागरिक हैं, इसलिए उनसे मिलना एक संवैधानिक दायित्व भी है। इसलिए इसे एक रूटीन प्रक्रिया का हिस्सा माना जाना चाहिए। मेरी समझ से ये एक बिल्कुल औपचारिक मुलाकात है।
नीरज कुमार ने जीतन राम मांझी के खेला होने वाले बयान पर कहा कि वह राजनीति के फ्रीलांसर हैं, इसलिए उनके बारे में कुछ भी कहना ठीक नहीं है।
राजभवन को पहले से ही सूचना देनी की परंपरा
नीरज कुमार से पूछा गया कि सरकारी कार्यक्रम में सीएम के साथ डेप्युटी सीएम तेजस्वी यादव भी थे, लेकिन राजभवन केवल सीएम और मंत्री विजय चौधरी ही गए। इसपर उन्होंने कहा कि राजभवन को पहले ही बता दिया जाता है कि कौन उनसे मिलने आ रहा है। जितने लोगों की सूचना होती है वही वहां जाते हैं।
आरजेडी ने कहा-सामान्य मुलाकात है
वहीं आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि सीएम साहब क्यों महामहिम से मिलने गए हैं इसका कारण उन्हें नहीं पता है, लेकिन प्रदेश के मुख्यमंत्री का राज्यपाल से मुलाकात करना एक सामान्य बात है।
इस मुलाकात को एक शिष्टाचार मुलाकात समझा जाना चाहिए। बहुत सारे ऐसे विषय होते हैं जिसमें महामहिम से चर्चा करनी होती है। इसलिए इस मुलाकात को लेकर जिस तरह की बातें की जा रही हैं, उसका कोई मतलब नहीं है।
यह एक सामान्य और शिष्टाचार मुलाकात है। नीतीश-तेजस्वी की सरकार मजबूत है और अटूट है। विपक्ष सिर्फ भ्रम फैला रहा है।
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