सहायक टीचर के 50 हजार पद जल्द भरे जाएंगे
रांची। झारखंड में सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले युवाओं के लिए एक खुशखबरी है। राज्य सरकार ने उर्दू शिक्षकों के 7232 पदों के सृजन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस प्रस्ताव पर सहमति प्रदान कर दी है।
सरकार की ओर से राज्य के प्राइमरी और मध्य विद्यालयों में सहायक आचार्य के कुल 50 हजार पद सृजित किए गए हैं। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में उर्दू के लिए सहायक आचार्य के 7232 पद सृजन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
इनमें प्राथमिक विद्यालयों (वर्ग 1 से 5) के लिए 5478 एवं उच्च प्राथमिक (वर्ग 6 से 8 ) विद्यालयों में 1754 पद शामिल है। अभी राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में उर्दू के सहायक शिक्षकों के लिए 4401 पद स्वीकृत हैं।
इनमे 689 उर्दू शिक्षक के पदों पर नियुक्ति की गई, जबकि 3712 पद रिक्त हैं। ऐसे में राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में उर्दू के सहायक शिक्षकों के स्वीकृत पदों को प्रत्यर्पित करते हुए उक्त पदों के विरुद्ध सहायक आचार्य का पद सृजन तथा वेतनमान परिवर्तित किया गया है।
प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के लिए पद सृजन
राज्य के सभी जिलों के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्यनरत उर्दू छात्र-छात्राओं के लिए इन शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। बताया गया है कि झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची के प्रतिवेदन के आधार पर कुल 7981 सहायक आचार्य का पद सृजित किया जाना है।
इसमें प्राथमिक विद्यालयों में 6167 और मध्य विद्यालयों में 1754 सहायक आचार्य का पद है। लेकिन, प्राथमिक विद्यालयों में इंटर प्रशिक्षित 689 उर्दू सहायक शिक्षक कार्यरत हैं। इसलिए राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में 5478 तथा मध्य विद्यालयों में 1754 (कुल 7232 पद) सहायक आचार्य का पद सृजित किया गया है।
सहायक आचार्य के 50 हजार पद सृजित
राज्य के प्राइमरी और मिडल स्कूलों में सहायक शिक्षकों के पदों को परिवर्तित करते हुए सहायक आचार्य के 50, 000 पद स्वीकृत किए गए हैं। सहायक आचार्य का वेतनमान इंटर प्रशिक्षित के लिए सातवां केंद्रीय पुनरीक्षित वेतनमान के लेवल-4 और स्नातक प्रशिक्षित के लिए लेवल- 5 निर्धारित है। इस हिसाब से उर्दू शिक्षकों के रिक्त पदों को भी उक्त के अनुरूप परिवर्तित किया किया गया है।
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