Chardham Yatra: चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी, 11 दिन पहले खुलेंगे कपाट

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Chardham Yatra

देहरादून, एजेंसियां। उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। साल 2026 में चारधाम यात्रा की शुरुआत पिछले वर्ष की तुलना में 11 दिन पहले होने जा रही है। इस बार यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर होगा।

अक्षय तृतीया के दिन ही गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। वहीं, परंपरा के अनुसार कुछ दिनों बाद बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के कपाट भी खोले जाएंगे। वर्ष 2025 में चारधाम यात्रा 30 अप्रैल से शुरू हुई थी, लेकिन इस बार शुभ तिथियों के संयोग के कारण यात्रा पहले शुरू हो रही है।

पर्यटन कारोबार को मिलेगा बढ़ावा

यात्रा अवधि बढ़ने से न केवल श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए अधिक समय मिलेगा, बल्कि स्थानीय पर्यटन उद्योग को भी मजबूती मिलेगी। होटल व्यवसायियों, टैक्सी चालकों, दुकानदारों और स्थानीय व्यापारियों को इस फैसले से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन का अनुमान है कि अतिरिक्त 11 दिनों से पर्यटन कारोबार में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

अक्षय तृतीया का धार्मिक महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया कहा जाता है। ‘अक्षय’ का अर्थ है जिसका कभी क्षय न हो। मान्यता है कि इस दिन किए गए दान, जप और पुण्य कर्म का फल अनंत होता है। यही कारण है कि चारधाम यात्रा के शुभारंभ के लिए इस दिन को सबसे पवित्र माना जाता है।

पिछली चुनौतियों से सीखा सबक

वर्ष 2025 की चारधाम यात्रा कई चुनौतियों से प्रभावित रही थी। सीमा पर तनाव और धराली व थराली क्षेत्रों में आई प्राकृतिक आपदाओं के चलते कई बार यात्रा को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा था। इन अनुभवों से सबक लेते हुए इस बार प्रशासन ने पहले से ही व्यापक तैयारी शुरू कर दी है।

प्रशासनिक तैयारियां तेज

गढ़वाल मंडल के कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने ऋषिकेश में चारधाम यात्रा की प्रारंभिक तैयारियों की समीक्षा कर ली है। सड़कों की मरम्मत, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं और श्रद्धालुओं के पंजीकरण को लेकर विस्तृत योजना बनाई जा रही है। जल्द ही मुख्य सचिव स्तर पर अंतिम समीक्षा बैठक कर सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। प्रशासन का दावा है कि इस बार चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए हर स्तर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के बाबा के दर्शन कर सकें।

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