Jharkhand healthcare boost:
रांची। झारखंड के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी और ऐतिहासिक पहल होने जा रही है। राज्य में जल्द ही आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्थापना की जाएगी। इसकी मंजूरी केंद्र सरकार ने दे दी है। यह जानकारी राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने दी। गुरुवार को नई दिल्ली में उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव से मुलाकात की, जहां झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई और उन्हें सैद्धांतिक मंजूरी मिली।
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने क्या बताया
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बताया कि अब तक झारखंड में कोई भी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज नहीं था। केंद्र सरकार की सहमति के बाद राज्य में एक सरकारी और एक निजी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्थापना की जाएगी। इससे आयुष चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा मिलेगा और छात्रों को राज्य में ही आयुर्वेद की पढ़ाई का अवसर मिलेगा।
इसके साथ ही राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों और रांची सदर अस्पताल में जापानी तकनीक से लैस अत्याधुनिक हाईटेक लैब स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इससे जांच सुविधाएं बेहतर होंगी और मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत कम पड़ेगी।बैठक में धनबाद के एसएनएमसीएच और जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज समेत अन्य मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 250 करने और पीजी सीटों में वृद्धि पर भी सहमति बनी है। इसके लिए विशेषज्ञ टीम द्वारा निरीक्षण के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
केंद्र और राज्य सरकार
इसके अलावा राज्य के सभी जिलों में वेलनेस हेल्थ सेंटर (हेल्थ कॉटेज) के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में वित्तीय सहयोग होगा। साथ ही अबुआ स्वास्थ्य योजना के तहत केंद्र सरकार से सहयोग की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।केंद्रीय मंत्री ने झारखंड के स्वास्थ्य मॉडल की सराहना करते हुए जल्द राज्य का दौरा करने की सहमति दी। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह निर्णय झारखंड के स्वास्थ्य ढांचे को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
