Jharkhand Bandh
रांची। आदिवासी नेता और पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में शनिवार को आदिवासी संगठनों द्वारा बुलाए गए झारखंड बंद का राज्य में मिला-जुला असर देखने को मिला। बंद को कुल 16 आदिवासी संगठनों का समर्थन प्राप्त है। जहां खूंटी जिले में बंद का प्रभाव सबसे अधिक नजर आया, वहीं राजधानी रांची के प्रमुख अल्बर्ट एक्का चौक पर भी इसका असर दिखाई दिया।
अल्बर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शन और नारेबाजी
शनिवार सुबह से ही रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर आदिवासी संगठनों से जुड़े लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। कुछ दुकानों को बंद कराया गया, जिससे कुछ समय के लिए इलाके में गतिविधियां ठप रहीं। प्रदर्शन के कारण चौक पर यातायात आंशिक रूप से प्रभावित हुआ, हालांकि पूरी तरह से आवागमन नहीं रुका और कुछ वाहन सामान्य रूप से चलते नजर आए।
बंद का मिला-जुला असर
राजधानी में बंद का व्यापक असर नहीं देखा गया। कई इलाकों में दुकानें खुली रहीं और कार्यालयों में कामकाज सामान्य रहा। प्रशासन और पुलिस बल की मौजूदगी के कारण स्थिति नियंत्रण में रही। किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। वहीं खूंटी जिले में बंद का असर ज्यादा रहा, जहां सड़कों पर प्रदर्शन और बाजार बंद रहने की खबरें सामने आईं।
हत्या के बाद बढ़ा आक्रोश
गौरतलब है कि 7 जनवरी को खूंटी जिले के जमुआदाहा के पास आदिवासी नेता सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद से आदिवासी समाज में भारी रोष है। हत्या के विरोध में 8 जनवरी को भी खूंटी बंद बुलाया गया था, जिसका व्यापक असर देखने को मिला था।
गिरफ्तारी को लेकर उठ रहे सवाल
खूंटी पुलिस ने प्रारंभिक जांच में जमीन विवाद को हत्या का कारण बताते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अब तक मुख्य साजिशकर्ता और शूटर की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इसी मांग को लेकर आदिवासी संगठनों ने राज्यव्यापी बंद बुलाया है। संगठनों का कहना है कि जब तक सभी दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

