World Pneumonia Day 2025:
नई दिल्ली, एजेंसियां। हर साल 12 नवंबर को ‘वर्ल्ड निमोनिया डे’ मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य इस जानलेवा श्वसन संक्रमण के प्रति लोगों को जागरूक करना है। निमोनिया फेफड़ों में होने वाला एक गंभीर संक्रमण है जो बैक्टीरिया, वायरस या फंगस के कारण होता है। इसमें फेफड़ों की हवा की थैलियां (एल्वियोली) मवाद या तरल पदार्थ से भर जाती हैं, जिससे सांस लेने में कठिनाई होती है।
इस बीमारी के शुरुआती लक्षण सामान्य सर्दी या फ्लू जैसे होते हैं, इसलिए कई बार लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन समय रहते ध्यान न देने पर यह संक्रमण जानलेवा साबित हो सकता है, खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए।
निमोनिया के प्रमुख शुरुआती लक्षण:
- ठंड लगना और कंपकंपी: तेज बुखार के साथ अत्यधिक ठंड लगना और कंपकंपी महसूस होना निमोनिया का संकेत हो सकता है। सामान्य बुखार में ऐसा कम होता है।
- खांसी और सीने में दर्द: निमोनिया में अक्सर बलगम वाली खांसी होती है, जो पीली, हरी या भूरी हो सकती है। सांस लेते या खांसते समय छाती में तेज दर्द महसूस होना भी इसका लक्षण है।
- सांस लेने में तकलीफ: फेफड़ों में सूजन और तरल भरने से सांस लेना मुश्किल हो जाता है। छोटे बच्चों में नाक फूलना या छाती अंदर धंसना खतरे का संकेत है।
- थकान और होंठों का नीला पड़ना: शरीर में ऑक्सीजन की कमी के कारण व्यक्ति को थकान, भ्रम और होंठों या नाखूनों का नीला रंग दिख सकता है।
नोट: यह जानकारी विशेषज्ञों और मेडिकल रिपोर्ट्स पर आधारित है। लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना आवश्य
