Vladimir Putin: दो दिवसीय दौरे पर भारत आ रहे हैं राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन, जानें किन विषयों पर रहेगा मुख्य फोकस?

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Vladimir Putin:

नई दिल्ली, एजेंसियां। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन अगले हफ्ते भारत के दो दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। वह 4 और 5 दिसंबर 2025 को भारत में रहेंगे और इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। पुतिन का यह दौरा दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक संबंधों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। मुख्य फोकस भारत–रूस व्यापारिक साझेदारी को मजबूत करना और वैश्विक हालात पर विस्तृत चर्चा करना होगा।

भारत–रूस ट्रेड: हर साल नई ऊंचाइयां:

पिछले कुछ वर्षों में भारत और रूस के बीच व्यापार तेज़ी से बढ़ा है। दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग का मुख्य ढांचा IRIGC-TEC (India–Russia Intergovernmental Commission on Trade, Economic, Scientific, Technological and Cultural Cooperation) है। इसका 25वां सत्र नवंबर 2024 को नई दिल्ली में हुआ, जहां दोनों देशों ने व्यापारिक संबंधों को तेजी से आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

भारत और रूस ने लक्ष्य तय किया है कि:

  • 2025 तक बाइलेट्रल इन्वेस्टमेंट: 50 बिलियन डॉलर
  • 2030 तक बाइलेट्रल ट्रेड: 100 बिलियन डॉलर
  • FY 2024–25: ट्रेड 68.7 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर
  • वित्त वर्ष 2024–25 में भारत–रूस का व्यापार 68.7 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
  • भारत का रूस को एक्सपोर्ट: 4.9 बिलियन डॉलर
  • रूस से भारत को इंपोर्ट: 63.8 बिलियन डॉलर
    यह आंकड़ा कोविड-19 से पहले के व्यापार (10.1 बिलियन डॉलर) से लगभग 6 गुना अधिक है।

भारत रूस को फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स, आयरन-स्टील, मरीन प्रोडक्ट्स, कॉफी, चाय, टबैको, मशीनरी, एयरक्राफ्ट पार्ट्स आदि निर्यात करता है।
वहीं रूस से भारत में कच्चा तेल, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स, कोकिंग कोल, फर्टिलाइजर्स, वेजिटेबल ऑयल, प्रेशियस मेटल्स, वुड, मशीनरी सहित कई महत्वपूर्ण वस्तुएं आयात होती हैं।

सेवा क्षेत्र में भी स्थिर व्यापार:

पिछले पांच वर्षों से दोनों देशों के बीच सर्विस ट्रेड भी स्थिर बना हुआ है, हालांकि इसमें व्यापार रूस के पक्ष में है। ऊर्जा, रक्षा, विज्ञान और तकनीक जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों का गहरा सहयोग जारी है।

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