G-RAM-G
नई दिल्ली, एजेंसियां। ‘मनरेगा’ का नाम बदलकर ‘जी राम जी (G-RAM-G)’ किए जाने को लेकर देश की राजनीति में तीखी बहस छिड़ी हुई है। इस पूरे मुद्दे पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंडिया टीवी से एक्सक्लूसिव बातचीत में सरकार का पक्ष रखा और विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार हैं और ‘G-RAM-G’ उन्हीं विचारों को दर्शाता है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गांधी जी हमेशा कहते थे कि असली भारत गांवों में बसता है और गांव भारत की आत्मा हैं। यदि गांव खत्म हुए तो भारत खत्म हो जाएगा। ‘G-RAM-G’ नाम गांधी जी के स्वावलंबी गांव के सपने को साकार करने की दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने साफ किया कि नाम बदलने से गांधी जी का सम्मान कम नहीं होता, जैसे यूपीए सरकार के दौर में जवाहर रोजगार योजना का नाम बदला गया था।
मनरेगा पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस योजना में कई खामियां थीं। मजदूरों के नाम पर मशीनों से काम होता था, ठेकेदार पैसा हड़प लेते थे और पारदर्शिता की भारी कमी थी। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक फायदे के लिए गांधी जी का नाम मनरेगा से जोड़ा गया।
नई ‘G-RAM-G’ योजना की क्या खूबियां?
नई ‘G-RAM-G’ योजना की खूबियां गिनाते हुए शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इसमें 125 दिन रोजगार की गारंटी होगी और बेरोजगारी भत्ते को कानूनी रूप दिया गया है। मजदूरी में देरी होने पर मुआवजा भी मिलेगा। ग्राम सभा और पंचायत तय करेंगी कि गांव में कौन से काम होंगे, ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास हो सके।
उन्होंने कहा कि नई योजना को पीएम गतिशक्ति से जोड़ा गया है और टेक्नोलॉजी के जरिए पारदर्शिता लाई जाएगी। मोबाइल और पंचायत भवन के माध्यम से यह जानकारी उपलब्ध होगी कि कहां काम हो रहा है, कितने मजदूर लगे हैं और कितना पैसा खर्च हुआ। सरकार का लक्ष्य गांवों का समग्र विकास और हर हाल में रोजगार सुनिश्चित करना है।
