Sanchar Saathi:
नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्र सरकार ने स्मार्टफोन्स में साइबर सुरक्षा ऐप ‘संचार साथी’ को अनिवार्य रूप से प्री-इंस्टॉल करने के आदेश को वापस ले लिया है। सरकार के बयान में कहा गया कि यह निर्देश सभी मोबाइल निर्माताओं—Apple सहित—से वापस ले लिया गया है। सरकार ने बताया कि पिछले 24 घंटों में ऐप को 6 लाख से अधिक डाउनलोड मिले हैं, इसलिए प्री-इंस्टॉलेशन को अनिवार्य बनाना अब आवश्यक नहीं समझा गया।
हालांकि सरकार ने माना कि आदेश का उद्देश्य ऐप के उपयोग को तेजी से बढ़ाना था, लेकिन विपक्षी दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे निजता उल्लंघन और संभावित निगरानी से जोड़कर विरोध किया। संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संसद में कहा था कि आवश्यकता होने पर ऐप को हटाया भी जा सकता है और ऐप के जरिए जासूसी संभव नहीं है।
संचार साथी क्या है?
यह दूरसंचार विभाग (DoT) का साइबर सुरक्षा प्लेटफॉर्म है, जो एंड्रॉइड, iOS और वेब पोर्टल के रूप में उपलब्ध है। इसका उद्देश्य फर्जी सिम, साइबर फ्रॉड और डिजिटल सुरक्षा से जुड़ी जोखिमों से नागरिकों की रक्षा करना है।







