RBI credit score rule: RBI का बड़ा फैसला: अब 7 दिन में बढ़ेगा आपका क्रेडिट स्कोर

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RBI credit score rule:

मुंबई, एजेंसियां। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) क्रेडिट स्कोर को लेकर एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है है। 29 सितंबर को जारी ड्राफ्ट गाइडलाइंस के अनुसार अप्रैल 2026 से देशभर में सिबिल/क्रेडिट स्कोर हर सप्ताह अपडेट होगा। अभी तक CRIF हाई मार्क, इक्विफैक्स जैसी क्रेडिट ब्यूरो कंपनियां स्कोर को लगभग हर 15 दिन या महीने में एक बार अपडेट करती थीं।

ऐसे बदलेगा पूरा सिस्टमः

नई व्यवस्था के तहत सभी क्रेडिट ब्यूरो कंपनियां महीने में कम से कम 5 बार- 7, 14, 21, 28 और महीने की आखिरी तारीख (30/31) को क्रेडिट डेटा अपडेट करेंगी। यदि कोई बैंक चाहें तो वे इससे भी तेज, यानी हर 3–4 दिन में भी डेटा अपडेट कर सकते हैं।

कैसे भेजा जाएगा डेटा?

RBI के ड्राफ्ट में डेटा सबमिशन के लिए कड़े टाइमलाइन तय किए गए हैं:

  1. महीने का आखिरी डेटा
    30/31 तारीख तक का पूरा डेटा
    अगले महीने की 3 तारीख तक क्रेडिट ब्यूरो के पास पहुंचना अनिवार्य
  2. साप्ताहिक अपडेट के लिए इंक्रीमेंटल डेटा
    हर 7, 14, 21 और 28 तारीख को केवल नए या बदले हुए रिकॉर्ड भेजे जाएंगे, जैसे नए लोन या क्रेडिट कार्ड, पुराने अकाउंट का बंद होना, EMI भुगतान, ग्राहक के एड्रेस/स्टेटस में बदलाव, फ्रॉड या मिसयूज से जुड़े अपडेट। इस डेटा को 2 दिन के भीतर ब्यूरो कंपनियों को भेजना होगा। जैसे- 7 तारीख का डेटा 9 तारीख तक, 14 का 16 तक।
बैंक नहीं मानेंगे नियम तो कार्रवाईः

यदि कोई बैंक या NBFC समय पर डेटा नहीं भेजता, तो क्रेडिट ब्यूरो को हर 6 महीने में (31 मार्च और 30 सितंबर को) RBI के DAKSH पोर्टल पर शिकायत दर्ज करनी होगी। इससे पहली बार क्रेडिट स्कोर अपडेटिंग प्रक्रिया पर बैंकों की भी सीधी मॉनिटरिंग होगी।

ग्राहकों का 7 दिन में बढ़ेगा स्कोरः

नई गाइडलाइंस लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को कई तरह के फायदे मिलेंगे:

समय पर EMI भरने का तुरंत असर

पहले EMI भरने के बाद स्कोर अपडेट होने में 15–30 दिन तक लग जाते थे, अब 7 दिन में स्कोर बढ़ जाएगा।
लोन क्लोजर का फायदा तुरंत
पुराना लोन चुकाने के बाद स्कोर जल्द सुधरेगा और नया लोन लेने में आसानी होगी।

गलत एंट्री का असर जल्दी मिटेगाः

यदि किसी ने गलती से आपका गलत डेटा जोड़ दिया, उसके ठीक होते ही स्कोर भी तुरंत सुधर जाएगा।

फ्रॉड या चोरी के कार्ड का समाधान तेजः

ऐसे मामलों में पहले गलत रिकॉर्ड लंबे समय तक दिखते थे, अब अपडेट तेज होने से क्रेडिट प्रोफाइल जल्दी साफ होगी।

बैंकों को भी होगा बड़ा फायदाः

नई प्रणाली से बैंकों की रिस्क मैनेजमेंट क्षमता मजबूत होगी:

बैंक तुरंत जान पाएंगे कि ग्राहक ने कहीं और नया लोन लिया है या डिफॉल्ट किया है। लोन अप्रूवल का फैसला तेजी से हो सकेगा। ओवर-लेंडिंग और फ्रॉड के मामलों में कमी आएगी।

कब से लागू होंगे नए नियम?

RBI ने अभी इन नियमों पर ड्राफ्ट जारी किया है और सभी बैंकों, NBFCs तथा क्रेडिट ब्यूरो से फीडबैक मांगा है। इनके अप्रैल 2026 से लागू होने की संभावना है।

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