Lalu Yadav:
नई दिल्ली, एजेंसियां। सुप्रीम कोर्ट ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को बड़े मामले में बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने उनके खिलाफ निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने की याचिका को खारिज कर दिया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने लालू यादव को थोड़ी राहत देते हुए पेशी से छूट दी है। साथ ही, दिल्ली हाईकोर्ट को मामले की सुनवाई में तेजी लाने का निर्देश भी दिया है।
दिल्ली हाईकोर्ट से याचिका खारिज:
लालू यादव ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सीबीआई की एफआईआर और दायर आरोपपत्रों को रद्द करने की मांग की थी। उन्होंने दावा किया था कि रिपोर्ट 14 साल की देरी से दर्ज की गई थी और पहले की जांच को छुपाकर नई जांच शुरू करना कानून का दुरुपयोग था। इस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले ही उनकी याचिका खारिज कर दी थी और कहा था कि कार्यवाही पर रोक लगाने का कोई ठोस कारण नहीं है।
क्या है जमीन के बदले नौकरी घोटाला?
यह मामला 2004 से 2009 के बीच तब हुआ जब लालू यादव केंद्रीय रेल मंत्री थे। जांच के मुताबिक, इस दौरान रेलवे में ग्रुप-डी कर्मचारियों की नियुक्तियों के बदले जमीन के टुकड़े लालू यादव के परिवार के नाम पर दिए गए थे। यह मामला 18 मई 2022 को दर्ज किया गया था, जिसमें लालू और उनके परिवार के सदस्य, अज्ञात सरकारी अधिकारियों और निजी व्यक्तियों को आरोपित किया गया था।
मनी लॉन्ड्रिंग मामला भी छानबीन में
इस मामले के अलावा, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी आरोपों की सुनवाई जारी है। ईडी ने हाल ही में जानकारी दी थी कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू यादव पर मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है।
Lalu Yadav’s petition rejected
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