Indigo crisis raised in Parliament
नई दिल्ली, एजेंसियां। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में चल रहे परिचालन संकट का मुद्दा सोमवार को संसद में जोरदार तरीके से उठा। लोकसभा में कांग्रेस सांसद और विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने यात्रियों को हो रही भारी परेशानी का उल्लेख करते हुए सरकार से पूछा कि विमानन मंत्रालय इस संकट से निपटने के लिए क्या कदम उठा रहा है।
लोकसभा में चर्चा
गौरव गोगोई ने पूछा कि लगातार फ्लाइट कैंसिलेशन और तकनीकी खराबी के कारण लोगों को भारी दिक्कत हो रही है, ऐसे में सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि समाधान के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं। इस पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने आश्वासन दिया कि केंद्रीय नागर विमानन मंत्री सदन में आकर इस मुद्दे पर जवाब देंगे। मंत्री उस समय सदन में मौजूद नहीं थे।
राज्यसभा में भी उठा मुद्दा
राज्यसभा में एआईएडीएमके सांसद एम. थंबीदुरई ने कहा कि बीते छह दिनों से देशभर में उड़ानों के रद्द होने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से किराया लौटाने की बात कही गई, लेकिन दूसरी कंपनियों ने 25,000 रुपये तक वसूले।
सरकार का जवाब -असुविधा के लिए खेद
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि सरकार यात्रियों को हुई परेशानी के लिए खेद व्यक्त करती है। उन्होंने बताया 5,86,705 PNR रद्द हुए, 569 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया, किराये में अनियमितता पर सरकार ने सीमा तय कर दी है। मंत्री ने कहा कि सीमित उड़ानों के कारण कुछ परेशानी अभी भी है, लेकिन सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और यात्रियों का उत्पीड़न न हो, इसके लिए प्रतिबद्ध है।
