Hema Malini:
मुंबई, एजेंसियां। हिंदी सिनेमा के आइकॉन धर्मेंद्र 24 नवंबर 2025 को अपने मुंबई स्थित घर पर शांतिपूर्वक दुनिया से विदा हो गए। 90वें जन्मदिन से कुछ दिन पहले हुए उनके निधन ने परिवार, करीबी और करोड़ों प्रशंसकों को गहरे सदमे में डाल दिया। फैंस का सबसे बड़ा सवाल था उन्हें ही-मैन के अंतिम दर्शन क्यों नहीं कराए गए? अब हेमा मालिनी ने इस सवाल का जवाब दिया है।
यूएई के फिल्ममेकर हमाद अल रेयामी हेमा मालिनी से मिलने पहुंचे
यूएई के फिल्ममेकर हमाद अल रेयामी शोक के तीसरे दिन हेमा मालिनी से मिलने पहुंचे। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि हेमा मालिनी अपने पति को खोने से बेहद टूट चुकी थीं और उनके चेहरे पर गहरा दर्द साफ झलक रहा था। बातचीत के दौरान हेमा मालिनी ने कहा कि उन्हें अफसोस है कि फैंस धर्मेंद्र को आखिरी बार नहीं देख पाए, लेकिन यह फैसला मजबूरी में लिया गया था।
हेमा मालिनी ने बताया
हेमा मालिनी ने बताया कि धर्मेंद्र कभी भी अपने कमजोर या बीमार रूप में दिखना नहीं चाहते थे। अपने करीबी लोगों से भी वो दर्द छुपाते रहे। उनके अंतिम दिन बेहद दर्दनाक और भावनात्मक रूप से कठिन थे। इसी वजह से परिवार ने तय किया कि उन्हें उस हालत में सार्वजनिक रूप से नहीं दिखाया जाएगा। हेमा ने हमाद से कहा -“जो हुआ दया थी। तुम उन्हें उस तरह नहीं देख सकते थे। हम भी मुश्किल से देख पाए।”उन्होंने यह भी बताया कि धर्मेंद्र अपनी कविताओं और लेखन को प्रकाशित करने की योजना बनाते रहते थे, लेकिन जिंदगी ने मौका नहीं दिया। हेमा मालिनी ने दुख जताया कि अब अजनबी लोग उनके बारे में लिखेंगे और किताबें तैयार करेंगे, जो उन्हें भीतर से परेशान करता है।बातचीत के अंत में हमाद ने हेमा मालिनी के साथ एक तस्वीर ली, क्योंकि उनके पास पहले कभी ऐसी कोई याद नहीं थी।

