Bengal migration news: जानिये, बंगाल से क्यों पलायन करने लगे बांग्लादेशी, घरों में लटके ताले

Anjali Kumari
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Bengal migration news:

कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल में मौजूद बांग्लादेशियों में हड़कंप मचा है। ये घुसपैठियों तेजी से राज्य छोड़कर भाग रहे हैं। हालात यह है कि इनके घरों में ताले लटके मिल रहे हैं। इससे पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार परेशान है। सरकार का मानना है कि यह सब राज्य में चल रहे स्पेशल इंवेस्टिगेशन रीविजन यानी एसआइआर के कारण हो रहा है।


दरअसल, पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के कारण राज्य से बांग्लादेशी घुसपैठियों के भागने की रफ्तार तेज हो गई है। घुसपैठियों को डर है कि वैध कागजात न होने के कारण मतदाता सूची में उनका नाम कट जाएगा, जिसके बाद उन्हें हिरासत शिविरों में भेजा जा सकता है या बंगाल छोड़कर जाना पड़ सकता है। इसी डर से उन्होंने पलायन शुरू कर दिया है।

हावड़ा में दिख रहा खास असरः

SIR शुरू होने के बाद पलायन की यह स्थिति हावड़ा जिले में खास तौर पर दिख रही है। यहां केशवपुर इलाके को ‘बंगालपाड़ा’ के नाम से भी जाना जाता है। इस इलाके के अधिकांश घरों में ताले लटक गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां रहने वाले लगभग 80 प्रतिशत लोग बांग्लादेशी घुसपैठिये हैं, जिनके पास वैध कागजात नहीं हैं। कुछ स्थानीय लोगों के बताये अनुसार इन घुसपैठियों ने लगभग 15 साल पहले तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से ही यहां बसना शुरू कर दिया था।

इंटरनेशनल बॉर्डर जामः

भारत-बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास भी इसका असर दिख रहा है। उत्तर 24 परगना में, बड़ी संख्या में घुसपैठिये वापस बांग्लादेश जाने के लिए समूह में एकत्र हो रहे हैं। सैकड़ों की संख्या में एकत्र हुए इन घुसपैठियों के कारण अंतरराष्ट्रीय सीमा अभी उनसे भरी हुई है।

संदेशखली में हंगामाः

इधर, उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में हंगामे की खबर है। यहां मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में बाधा डालने का एक मामला सामने आया है। यहां नैजाट थाना इलाके में तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता, जमीरुल इस्लाम मोल्ला को BLO के काम में बाधा डालने और मनमाने तरीके से गणना फॉर्म भरने का दबाव बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने संदेशखाली एक नंबर ब्लॉक के बीडीओ BDO की शिकायत के बाद यह कार्रवाई की है। इसके बाद यहां तनाव बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी विशेष गहन परीक्षण कार्य का विरोध कर रही हैं।

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