Asaram bail petition:
नई दिल्ली, एजेंसियां। नाबालिग से रेप के मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे आसाराम की जमानत को लेकर नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। राजस्थान हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उन्हें छह महीने की जमानत दी थी, जिसे गुजरात हाईकोर्ट ने भी मंजूर किया। इसके तहत आसाराम को हृदय रोग के इलाज के लिए अंतरिम जमानत मिली थी।
पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कराया:
बता दें पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इस जमानत को रद्द करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस दौरान आसाराम ऋषिकेश से लेकर महाराष्ट्र तक घूम रहे हैं और किसी प्रकार की गंभीर चिकित्सा जरूरत महसूस नहीं हुई। पीड़िता के वकील ने बताया कि आसाराम ने कभी भी किसी अस्पताल में लंबी अवधि का इलाज नहीं लिया और वे यात्रा कर रहे हैं। आसाराम 86 वर्ष के हैं और जोधपुर हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत को गुजरात हाईकोर्ट ने चिकित्सकीय स्थिति को देखते हुए ही मान्यता दी थी। हालांकि, मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार उनकी हालत स्थिर है और अस्पताल में भर्ती होने की कोई आवश्यकता नहीं है। इस आधार पर पीड़िता की ओर से जमानत रद्द करने की मांग की गई है।
इससे पहले आसाराम को सात जनवरी 2025 को पहली बार अंतरिम जमानत मिली थी, जिसे जुलाई और अगस्त में बढ़ाया गया। अगस्त में उनकी याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने 30 अगस्त को आत्मसमर्पण किया। अब सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर फैसला सुनाएगा।







