पटना : राष्ट्रीय लोक जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा है कि नीतीश कुमार की रुचि सरकारी कामों में नहीं है। लिहाजा बिहार वासियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। वह देश के पहले मुख्यमंत्री होंगे, जिन्होंने मुख्यमंत्री का काम छोड़ कर दूसरी चीजों में व्यस्त हैं।
कुशवाहा ने कहा कि कुछ साल पहले नीतीश कुमार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे और उन्होंने दोनों पद एकसाथ रखने में असमर्थता जताई थी और फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद छोड़कर अच्छा काम किया था।लेकिन साल 2022 से ये दिख रहा था कि उनको अब मुख्यमंत्री के रूप में काम करने में मन नहीं लग रहा है। अब उनकी रुचि अन्य कामों में दिख रही है। मुख्यमंत्री बिहार की जनता को भगवान के भरोसे छोड़कर पटना में पॉलिटिकल इवेंट करवा रहे हैं।
राज्य में कहीं लूट हो रहा और मुख्यमंत्री का उसपर कोई जवाब नही है। उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों को दबने न दिया जाए। जनता के सवालों को दबने नही देना चाहिए। कुशवाहा ने कहा कि बिहार में अपराधी बेखौफ हो गये है। अपराधियों का मनोबल सातवें आसमान पर हो गया है। हर जगह आपराधिक घटनाएं हो रही है, लेकिन नीतीश चुप्पी साध बैठे हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के लिए सांप-छछुंदर वाली बात हो गई है। उनके सामने कई रास्ते थे, पर उन्होंने गलत रास्ता चुना है।
जदयू में अब कोई नहीं रहना चाहता है। कुशवाहा ने कहा कि विपक्षी दलों की बैठक लालू प्रसाद के बेटे को मुख्यमंत्री बनाने को लेकर था। जदयू समर्थक गलतफहमी के शिकार नहीं हो कि ये बैठक नीतीश कुमार को कुछ बनाने के लिए था। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नीतीश जी को कभी भी धकियाकर लालू प्रसाद अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाने में लगे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिजली को छोड़कर लालटेन थामने का फैसला लिया है।
भागलपुर-खगड़िया पुल टूटने की घटना पर उपेन्द्र कुशवाहा ने चिंता जाहिर की और कहा कि सरकार की जांच रिपोर्ट आई है, उसमें तकनीकी गड़बड़ी की बात सामने आई है। मेरे दल के लोग भी घटनास्थल पर गये थे। सरकार अपने लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि इस घटना में कई लोगों की संलिप्तता है और सरकार दोषी लोगों पर कार्रवाई नहीं कर रही है।
हाईकोर्ट के सीटिंग जज से इसकी जांच करानी चाहिए। सरकार ने तो मजाक बना रखा है। जिन एजेंसियों की संलिप्तता है, उनपर ध्यान देने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने लूट की छूट दे रखी है। कुशवाहा ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी नीतीश कुमार पर निशाना साधा और कहा कि बिहार में शिक्षा का हाल-बेहाल है।
जून का महीना गुजर गया, लेकिन अबतक 45 प्रतिशत स्कूलों में किताबें नहीं मिली हैं। यह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि हम गठबंधन करेंगे, पर किससे करेंगे, वो बाद में तय करेंगे। एनडी में जाने का फिलहाल कोई फैसला नहीं लिए हैं।







