Jagannath Rath Yatra 2025: जगन्नाथ रथ यात्रा 2025: पुरी में धूमधाम से शुरू होगी यात्रा, जानें 10 दिन का पूरा कार्यक्रम” [Jagannath Rath Yatra 2025: The journey will start with pomp in Puri, know the complete program of 10 days”]

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Jagannath Rath Yatra 2025:

पुरी, एजेंसियां। जगन्नाथ रथ यात्रा एक ऐतिहासिक और धार्मिक यात्रा है, जिसमें भक्तों का भाग्य बदलने का विश्वास होता है। जगन्नाथ पुरी में यह रथ यात्रा हर साल धूमधाम से आयोजित की जाती है, और भक्तों के लिए इसे एक विशेष अवसर माना जाता है। मान्यता है कि जो व्यक्ति इस रथ यात्रा में शामिल होकर श्री जगन्नाथ जी का कीर्तन करता हुआ गुंडीचा नगर तक जाता है, वह पुनर्जन्म से मुक्ति प्राप्त करता है। जगन्नाथ रथ यात्रा 2025 में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्राजी अपने मौसी के घर जाने के लिए निकलेंगे। यह यात्रा 27 जून 2025 से शुरू होगी और 10 दिन तक चलेगी। इस दौरान कई खास धार्मिक अनुष्ठान और रस्में पूरी की जाएंगी। आइए जानते हैं यात्रा का पूरा शेड्यूल:

Jagannath Rath Yatra 2025: जगन्नाथ रथ यात्रा 2025 का पूरा शेड्यूल:

10 जून 2025: ज्येष्ठ पूर्णिमा पर भगवान जगन्नाथ का सहस्त्रस्नान होगा। इसके बाद वे 15 दिनों के लिए बीमार हो जाएंगे।

16 जून 2025: अनासरी पंचमी पर भगवान के शरीर पर आयुर्वेदिक तेल फुल्लरी तेल की मालिश की जाएगी, जिससे भगवान को बुखार से राहत मिलती है।

20 जून 2025: अनासरी दशमी पर भगवान रत्न सिंहासन पर विराजमान होंगे।

21 जून 2025: भगवान के शरीर पर औषधियों का उपयोग होगा, जिसे ‘खलि लागि’ कहते हैं।

25 जून 2025: भगवान के विग्रहों (मूर्तियों) की सजावट होगी।

26 जून 2025: भगवान के नव यौवन दर्शन होंगे, और रथ यात्रा के लिए भगवान से आज्ञा ली जाएगी।

27 जून 2025: भव्य रथ यात्रा शुरू होगी, जो गुंडिचा मंदिर के लिए प्रस्थान करेगी। यात्रा के पहले दिन सबसे प्रसिद्ध रस्म ‘छेरा पहरा’ होगी। ओडिशा के महाराज गजपति सोने की झाड़ू से रथों के चारों ओर सफाई करेंगे। इसके बाद, शाम को भक्त रथ को खींचना शुरू करेंगे।

1 जुलाई 2025: हेरा पंचमी

4 जुलाई 2025: बहुड़ा यात्रा (वापसी यात्रा)

5 जुलाई 2025: सुना वेश (देवताओं का स्वर्णाभूषण श्रृंगार) और नीलाद्रि विजय (मुख्य मंदिर में वापसी)

जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु मंदिरों में आकर भगवान के दर्शन करते हैं और रथ खींचने में भाग लेते हैं। यह यात्रा न केवल ओडिशा, बल्कि भारत के अन्य हिस्सों में भी श्रद्धा और भक्ति का एक बड़ा प्रतीक बन चुकी है।

नोट: इस यात्रा के दौरान, भक्तों के बीच एक विशेष आस्था और विश्वास होता है, और कहा जाता है कि रथ यात्रा में भाग लेने से मनुष्य के जीवन के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं।

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