फिल्म रिव्यूः मिस्टर एंड मिसेज माही

IDTV Indradhanush
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औसत दर्जे की फिल्म, कहानी, निर्देशन से अभिनय तक बोरिंग

मुंबई, एजेंसियां। राजकुमार राव और जान्हवी कपूर स्टारर फिल्म ‘मिस्टर एंड मिसेज माही’ आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है।

फिल्म की लेंथ 2 घंटे 18 मिनट है। समीक्षकों ने फिल्म को 5 में से 2 स्टार रेटिंग दी है।

कहानी

यह फिल्म महेंद्र (राजकुमार राव) और महिमा (जान्हवी कपूर) की है। दोनों का निकनेम माही है।

दोनों को एक समय पर क्रिकेट से काफी लगाव रहता है, लेकिन समय का दस्तूर उन्हें कहीं और खींच लाता है।

महेंद्र बनना तो क्रिकेटर चाहता था, लेकिन बन नहीं पाता, जबकि महिमा पेरेंट्स के मन के मुताबिक डॉक्टर बन जाती है।

महेंद्र और महिमा एक दूसरे से मिलते हैं, दोनों के ख्यालात मिलते हैं और दोनों शादी कर लेते हैं।

महिमा अपने पति महेंद्र को दोबारा क्रिकेट में वापस आने को कहती है। मह्रेंद्र मैदान पर वापसी करता भी है, लेकिन उसका रिदम पहले जैसा नहीं रहता।

तभी वो देखता है कि उसकी वाइफ यानी महिमा भी लंबे-लंबे छक्के लगा रही है। महेंद्र फिर खुद क्रिकेटर बनने का सपना छोड़ महिमा को कोचिंग देने लगता है।

वो महिमा का स्टेट टीम में सिलेक्शन भी करा देता है। समय के साथ महेंद्र अपनी बीवी की सफलता से इनसिक्योर होने लगता है।

उसे लगता है कि महिमा तो फेमस हो गई, लेकिन वो वहीं का वहीं रह गया। दोनों के बीच रिश्ते खराब हो जाते हैं।

अब दोनों की लाइफ किस करवट बदलती है, इसके लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी।

अभिनय

जान्हवी कपूर ने अपनी एक्टिंग से निराश किया है। पूरी फिल्म में उनके एक्सप्रेशन लगभग एक जैसे रहे हैं, थोड़ी कंफ्यूज भी लगी हैं।

फिल्म में उन्होंने क्रिकेटर का रोल निभाया है, लेकिन उनके स्टांस (बैटिंग की एक तकनीक) ही क्लियर नहीं लगे हैं।

एक क्रिकेटर के रोल में ढलने के लिए उन्हें थोड़ी और प्रैक्टिस करनी चाहिए थी।

राजकुमार राव ने थोड़ी बहुत संभालने की कोशिश की है, लेकिन अधिकतर जगह वे भी बोरिंग ही लगे हैं। हर सीन में वे रोते हुए दिखाई देते हैं।

जान्हवी ने इस फिल्म के लिए एक साल क्रिकेट की ट्रेनिंग ली है। बावजूद इसके वे अपने रोल में ढल नहीं पाई हैं।

निर्देशन

फिल्म काफी हद तक प्रिडिक्टबल है। कहानी बिल्कुल सपाट है। डायरेक्टर शरण शर्मा थोड़ा भी इंटरेस्ट बनाने में सफल नहीं हुए हैं।

डायलॉग्स भी बहुत कमजोर लिखे गए हैं। क्रिकेट का सीक्वेंस भी बिल्कुल नकली लगता है। इस फिल्म में कुमुद मिश्रा और जरीना वहाब जैसे सरीखे एक्टर्स भी हैं, डायरेक्टर उनसे भी बेहतर काम नहीं निकाल पाए हैं।

दूसरी बार पर्दे पर राजकुमार राव और जान्हवी कपूर की जोड़ी देखने को मिली है।

संगीत

‘कभी खुशी कभी गम’ के गाने देखा ‘तेनू पहली-पहली बार’ को इस फिल्म में रीक्रिएट किया गया है।

यह फिल्म का पहला और आखिरी अच्छा गाना है। अमूमन स्पोर्ट्स बैकग्राउंड पर बनने वाली फिल्मों के गाने एनर्जी देने वाले होते हैं, इस फिल्म में ऐसा कुछ भी देखने या सुनने को नहीं मिला है।

फिल्म देखें या नहीं?

अगर आपके पास भरपूर समय है, करने को कुछ नहीं है, तभी इस फिल्म के लिए जा सकते हैं।

जो लोग राजकुमार राव की फिल्मों को पसंद करते हैं, वो भी जा सकते हैं, लेकिन इसे देखने के बाद निराशा ही हाथ लगेगी।

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