बजट में एंटरटेनमेंट टैक्स न घटने से बॉलीवुड निराश [Bollywood disappointed due to lack of reduction in entertainment tax in the budget]

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पहलाज निहलानी बोले- ‘टिकट से GST हटाया जाना चाहिए था, इंडस्ट्री बुरे दौर से गुजर रही है’

मुंबई, एजेंसियां। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश बजट में मनोरंजन जगत के लिए कोई घोषणा नहीं होने से बॉलीवुड सेलेब्स में मायूसी है।

माना जा रहा था कि सरकार इस बार एंटरटेनमेंट टैक्स में कमी कर सकती है लेकिन इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ।

मौजूदा समय में फिल्मों का टिकट रेट 100 रुपए से कम है तो 12% GST लगता है लेकिन 100 रुपए से ज्यादा प्राइज वाली टिकट का GST स्लैब अलग है और 18% GST वसूला जाता है।

सेंसर बोर्ड के पूर्व चेयरमैन और फिल्म प्रोड्यूसर पहलाज निहलानी ने कहा कि फिल्मों के टिकट पर लगने वाले GST को खत्म किया जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

सेंसर बोर्ड अध्यक्ष बनने से पहले पहलाज निहलानी एक प्रोड्यूसर थे। उन्होंने ‘आंखें’ और ‘शोला और शबनम’ जैसी फिल्मों में पैसा लगाया था।

पहलाज निहलानी बोले, बहुत से देशों में एंटरटेनमेंट पर टैक्स नहीं है इसलिए GST को इंडिया में भी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से पूरी तरह हटाना चाहिए।

सरकार को ये सोचना चाहिए कि अपने कल्चर और भाषा को बचाने के लिए ज्यादा से ज्यादा फिल्में बनाने की कोशिशों को बढ़ावा दिया जाए।

मौजूदा समय में जिस तरह का बिजनेस आ रहा है, उसकी वजह से अच्छे विषयों पर फिल्में नहीं बन पा रही हैं और पैसे कमाने के लिए हल्के विषयों और वल्गर कंटेंट पर फिल्में बनने की मजबूरी हो गई है।

एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री हमेशा नजरअंदाज की जाती है: शब्बीर बॉक्सवाला

‘शेरशाह’, ‘मिशन इस्तांबुल’ और ‘लूट’ जैसी फिल्मों के प्रोड्यूसर रहे शब्बीर बॉक्सवाला ने कहा, ‘बजट सिर्फ गरीबों के लिए ही होता है, एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को हमेशा नजरअंदाज किया जाता है। ऐसा लगता है कि बजट हमेशा गरीबों पर फोकस होता है, इसमें अमीरों पर कोई फोकस नहीं होता जबकि वही गरीबों को रोजगार उपलब्ध करवाते हैं।’

शब्बीर आगे बोले, ‘सरकार मनोरंजन जगत को हमेशा ओवरलुक करती है जबकि एक प्रोड्यूसर किसी फिल्म के जरिए 300 से ज्यादा परिवारों को रोजगार देता है। सरकार इतने बड़े लेवल पर कहां रोजगार दे पा रही है। जिस तरह से फिल्म बॉक्स ऑफिस पर चल रही है, बहुत बुरा हाल है, थिएटर बंद हो चुके हैं, ऐसे में सरकार को मदद करनी चाहिए थी।’

एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को हमेशा नजरअंदाज किया जाता है- सुनील दर्शन

प्रोड्यूसर सुनील दर्शन ने कहा कि सरकार मनोरंजन जगत के पहलुओं पर बिल्कुल ध्यान नहीं देती है। सिर्फ टिकटों पर GST ही नहीं सरकार को फिल्म इंडस्ट्री की अन्य समस्याओं पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

‘कभी हां कभी न’, ‘चक दे इंडिया‘ समेत 127 फिल्मों में काम कर चुके एक्टर अंजन श्रीवास्तव ने कहा, ‘बजट जब भी होता है, अच्छा ही होता है।

देश में विकास हो रहा है, सड़कें, फ्लाईओवर बन रहे हैं। फिल्म इंडस्ट्री के लिहाज से कोई बड़े बदलाव बजट में देखने को नहीं मिले हैं लेकिन देश में फिल्म इंडस्ट्री से बड़ी भी कई चीजें हैं जो जरुरी हैं।’

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