Jharkhand railway
रांची। झारखंड से गुजरने वाली नयी दिल्ली–हावड़ा मुख्य रेल लाइन पर ट्रेनों का परिचालन अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है। 27 दिसंबर को टेलवा हॉल्ट के पास हुई मालगाड़ी डिरेलमेंट की घटना के करीब 68 घंटे बाद मंगलवार रात डाउन लाइन से परिचालन आंशिक रूप से बहाल किया गया। ट्रैक दुरुस्त होने के बाद सबसे पहले एक मालगाड़ी को कोशन के आधार पर सुरक्षित निकाला गया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार शाम सिमुलतला से एक मालगाड़ी रवाना की गई, जो रात 8:04 बजे टेलवा हॉल्ट के पास बने ब्रिज से सुरक्षित गुजर गई। हालांकि अप लाइन पर अभी परिचालन शुरू नहीं हो सका है और पैसेंजर ट्रेनों को चलाना फिलहाल चुनौती बना हुआ है। अप और डाउन दोनों लाइनों पर पूरी तरह ट्रैफिक बहाल होने में अभी कुछ समय लग सकता है।
तकनीकी टीमें लगातार मौके पर डटी हैं
मरम्मत कार्य की गंभीरता को देखते हुए पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देउस्कर स्वयं घटनास्थल पर कैंप कर निगरानी कर रहे हैं। उनके साथ कई वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी टीमें लगातार मौके पर डटी हुई हैं। कड़ाके की ठंड और नदी के बीच से होकर ट्रैक बहाली का काम रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ी चुनौती रहा।
रेलवे की इंजीनियरिंग टीम ने मरम्मत के बाद डाउन ट्रैक को शाम 4:25 बजे यातायात के लिए फिट घोषित किया। इसके बाद धनबाद की ओर जाने वाली एक इलेक्ट्रिक मालगाड़ी को ट्रायल के तौर पर 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया गया। ट्रेन के सुरक्षित गुजरने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
डिरेलमेंट के कारण दिल्ली–हावड़ा मुख्य लाइन से गुजरने वाली कई ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है या विभिन्न स्टेशनों पर रोका गया है। झाझा–पटना सेक्शन में कुछ लोकल ट्रेनों को छोड़कर अधिकांश ट्रेनें प्रभावित हैं। मरम्मत और तकनीकी कारणों से एक पैसेंजर ट्रेन को रद्द किया गया है, जबकि 12 ट्रेनों के मार्ग में अस्थायी बदलाव किया गया है।
रेलवे के सीपीआरओ ने बताया कि प्राथमिकता के आधार पर डाउन लाइन से परिचालन बहाल किया गया है। दोबारा निरीक्षण के बाद ही पैसेंजर ट्रेनों के संचालन की अनुमति दी जाएगी। यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा से पहले ट्रेनों की स्थिति की जानकारी अवश्य ले लें।

