Ayushman Bharat Yojana: नए साल से आयुष्मान योजना के नियम बदले, इलाज से पहले जरूर जांच लें ये बातें

Anjali Kumari
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Ayushman Bharat Yojana

रांची। नए साल 2026 से आयुष्मान भारत योजना की व्यवस्था में अहम तकनीकी बदलाव होने जा रहे हैं। योजना को नए पोर्टल पर शिफ्ट किया जा रहा है, जिसके तहत अस्पतालों का पंजीकरण अब नए हॉस्पिटल इम्पैनलमेंट मॉड्यूल (HEM) 2.0 पर किया जाएगा। ऐसे में मरीजों को इलाज कराने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी होगा कि संबंधित अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के तहत नए पोर्टल पर पंजीकृत है या नहीं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अस्पतालों के इम्पैनलमेंट के लिए HEM 1.0 को HEM 2.0 में माइग्रेट कर दिया गया है। इसका उद्देश्य इलाज से जुड़ी कागजी प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, आसान और यूजर-फ्रेंडली बनाना है। नए सिस्टम के लागू होने के बाद अस्पतालों को आधिकारिक रूप से अपडेट किए गए HEM 2.0 पोर्टल के जरिए ही पंजीकरण और इम्पैनलमेंट कराना होगा। HEM 1.0 पोर्टल को बंद कर दिया जाएगा।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के निर्देश जारी

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) ने इस संबंध में 13 फरवरी 2025 को निर्देश जारी करते हुए झारखंड के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को नए सिरे से इम्पैनलमेंट कराने को कहा था। इसके लिए 31 दिसंबर अंतिम तारीख तय की गई थी। हालांकि, मरीजों के इलाज की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं होगा, बशर्ते अस्पताल का पंजीकरण नए पोर्टल पर मान्य हो।

आयुष्मान भारत योजना के तहत कुल 565 अस्पताल सूचीबद्ध

राज्य में फिलहाल आयुष्मान भारत योजना के तहत कुल 565 अस्पताल सूचीबद्ध हैं, जिनमें 240 सरकारी और 325 निजी अस्पताल शामिल हैं। इनमें से करीब 14 अस्पताल फिलहाल निलंबित हैं। राजधानी रांची में सरकारी और निजी मिलाकर 95 अस्पतालों ने HEM 2.0 के तहत पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। स्वास्थ्य विभाग ने लाभार्थियों से अपील की है कि वे नए साल में आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराने से पहले अस्पताल की सूची और पंजीकरण की स्थिति अवश्य जांच लें, ताकि किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

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