Somesh Soren:
रांची। झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले झारखंड मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। घाटशिला उपचुनाव जीतने वाले सोमेश सोरेन को मंत्री पद की शपथ दिलायी जा सकती है। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इसे लेकर विचार विमर्श कर रहे हैं। बता दें कि स्वर्गीय रामदास सोरेन के पुत्र सोमेश सोरेन ने घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में रिकार्ड मतों से जीत हासिल की है। इस जीत से सोमेश सोरेन के अलावा झामुमो और हेमंत सोरेन सरकार का भी कद बढ़ा है। घाटशिला की जनता ने सोमेश सोरेन को स्वर्गीय रामदास सोरेन का राजनीतिक वारिस होने पर मुहर लगा दी है। इसके बाद झामुमो सोमेश सोरेन को मंत्री बना कर जनमत का सम्मान करना चाहती है। साथ ही कोल्हान में संताल जनजाति से एक और मंत्री बना कर झामुमो को अपनी पकड़ को मजबूत बनाये रखने की जरुरत है।
विधानसभा का शीतलकालीन सत्र 5 दिसंबर सेः
पांच दिसंबर से झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र है। यह 11 दिसंबर तक चलेगा। पूरे सत्र में कुल पांच कार्य दिवस होंगे। सरकार के शीर्ष स्तर पर यह मानना है कि शीतकालीन सत्र से पूर्व मंत्रिमंडल में रिक्त एक पद को भर दिया जाए।
बताते चलें कि सोमेश सोरेन के पिता रामदास सोरेन के निधन के बाद सरकार में मंत्री का एक पद रिक्त है। रामदास सोरेन के पास स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग था। उनके निधन के बाद इस विभाग का प्रभार मुख्यमंत्री के पास है।
चुनाव पूर्व ही मंत्री बनाये जाने की मांग उठी थीः
विधानसभा उप चुनाव से पूर्व सोमेश सोरेन को मंत्री बनाये जाने की मांग भी उठी थी। पार्टी के अंदरुनी बैठकों में हाजी हुसैन अंसारी, जगन्नाथ महतो की मौत के बाद, जिस तरह उनके परिजनों को मंत्री बनाया गया, उसी तरह सोमेश सोरेन को भी मंत्री बनाने की मांग की गयी थी। लेकिन, मुख्यमंत्री ने घाटशिला की चुनावी सभा में चुनाव बाद मंत्री बनाने का संकेत दिया।
राजद कोटे के मंत्री अभी बने रहेंगेः
इधर राजद कोटे के मंत्री संजय प्रसाद यादव को हटाने के मुद्दे पर सरकार के शीर्ष स्तर पर कोई चर्चा नहीं है। ना ही कांग्रेस कोटे के मंत्रियों के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री की कोई नयी सोच है। कांग्रेस कोटे के मंत्रियों के फेरबदल या उनके विभागों में हेरफेर का मुद्दा सीधा कांग्रेस से जुड़ा है। कांग्रेस को ही तय करना है कि वह अपने मंत्रियों या उसके विभागों में फेरबदल करना चाहती है या नहीं। वैसे कांग्रेस आलाकमान की ओर से सरकार को फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है। हेमंत सोरेन भी फिलहाल राजद और कांग्रेस को लेकर चुप हैं।







