रांची : आदिवासी समाज के प्रख्यात मानवशास्त्री और जाने-माने शिक्षाविद डॉ करमा उरांव का रविवार को निधन हो गया। उन्होंने मेदांता अस्पताल में आखिरी सांसें ली। बीते कई दिनों से वे बीमार चल रहे थे। इलाज के दौरान उन्होंने आइसीयू में आखिरी सांसें लीं। सरना धर्म कोड समेत झारखंड के आदिवासी मुद्दों पर वे मजबूती से अपना पक्ष रखते थे। वह रांची यूनिवर्सिटी के मानवशास्त्र विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष और एकीकृत बिहार में बीपीएससी के मेंबर भी थे।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जताया शोक
डॉ करमा उरांव के निधन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शोक जताया है। हेमंत ने कहा है कि महान शिक्षाविद तथा आदिवासी उत्थान के प्रति हमेशा सजग रहने और चिंतन करने वाले डॉ करमा उरांव के निधन का दुःखद समाचार मिला। डॉ करमा उरांव जी से कई विषयों पर मार्गदर्शन मिलता था। उनके निधन से मुझे व्यक्तिगत क्षति हुई है। परमात्मा दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिवारजनों को दुःख की यह विकट घड़ी सहन करने की शक्ति दे।







