छह साल बाद भी नियुक्ति नहीं, झारखंड की सभी यूनिवर्सिटी के VC हाईकोर्ट में हुए पेश [No appointment even after six years, VCs of all the universities of Jharkhand appeared in the High Court]

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रांची। घंटी आधारित शिक्षकों की नियुक्ति मामले में राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति, रजिस्ट्रार और जेपीएससी के सचिव हाईकोर्ट में पेश हुए।

कोर्ट ने सभी कुलपतियों से उनके यहां स्वीकृत पदों के खिलाफ असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के खाली पदों की जानकारी मांगी। इन पदों को भरने के लिए अब तक उठाए कदमों की जानकारी देने को भी कहा।

हाईकोर्ट ने वीसी से मांगी रिक्त पदों की सूचीः

कुछ कुलपतियों ने बताया कि खाली पद भरने के लिए जेपीएससी को अधियाचना भेजी गई थी। लेकिन छह साल बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं हुई।

इस पर कोर्ट ने जेपीएससी के सचिव को हाजिर होने का निर्देश दिया। सचिव कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कहा-जेपीएससी अध्यक्ष का पद खाली है।

28 अक्टूबर को अगली सुनवाईः

फिलहाल कई परीक्षाएं ली जानी हैं। इसलिए इन पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। इस पर कोर्ट ने कहा कि छह साल बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू न होना गंभीर मामला है। ऐसे में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे दी जाएगी।

कोर्ट ने सभी कुलपतियों को खाली पदों की सूची और अधियाचना की जानकारी शपथ पत्र के माध्यम से देने को कहा। अब 28 अक्टूबर को सुनवाई होगी। यह याचिका प्रिसिला सोरेन ने दायर की थी।

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