Municipal elections in Jharkhand
रांची। झारखंड में लंबे समय से लंबित नगर निकाय चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार को राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के 48 शहरी निकायों के लिए महापौर, नगर परिषद अध्यक्ष और नगर पंचायत अध्यक्ष पदों की आरक्षण सूची जारी कर दी है। इसके साथ ही राज्य में नगर निकाय चुनाव की औपचारिक घोषणा का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, राजधानी रांची नगर निगम के मेयर पद को अनुसूचित जनजाति (अन्य) के लिए आरक्षित किया गया है। वहीं धनबाद और चास नगर निगम में मेयर पद अनारक्षित (सामान्य वर्ग) रहेगा। पलामू नगर निगम की मेयर सीट अनारक्षित महिला वर्ग के लिए आरक्षित की गई है। इससे साफ है कि इस बार शहरी सत्ता में सामाजिक संतुलन और महिला प्रतिनिधित्व को विशेष महत्व दिया गया है।
48 शहरी निकायों में होंगे चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि राज्य में कुल 48 शहरी निकायों में चुनाव कराए जाने हैं। इनमें नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत शामिल हैं। कुछ निकायों में वर्ष 2020 से और कुछ में 2022 से चुनाव लंबित हैं। आरक्षण सूची जारी होने के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
अन्य नगर निगमों का आरक्षण
हजारीबाग नगर निगम की सीट अत्यंत पिछड़ा वर्ग-1 (अन्य) के लिए, गिरिडीह अनुसूचित जाति (अन्य), देवघर अनारक्षित (अन्य) और आदित्यपुर/सरायकेला-खरसावां अनुसूचित जनजाति (अन्य) के लिए आरक्षित की गई है। पूर्वी सिंहभूम (मानगो) की मेयर सीट अनारक्षित महिला वर्ग को दी गई है, जबकि झुमरी-तिलैया पिछड़ा वर्ग-II (अन्य) के लिए आरक्षित है।
नगर परिषद और नगर पंचायत में भी बदलाव
नगर परिषद अध्यक्ष पदों के लिए भी अलग-अलग वर्गों के अनुसार आरक्षण तय किया गया है। वहीं नगर पंचायतों में महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग को प्रतिनिधित्व दिया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर नए चेहरों के उभरने की संभावना बढ़ गई है।
इसी माह हो सकती है चुनाव की घोषणा
सूत्रों के मुताबिक, राज्य निर्वाचन आयोग इसी महीने नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी कर सकता है। होली के आसपास मतदान कराने की तैयारी की जा रही है। राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में सभी जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों ने चुनाव के लिए तैयार होने की जानकारी दी है।
आरक्षण सूची जारी होते ही राज्यभर में चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है। संभावित प्रत्याशी मैदान में उतरने की तैयारी में जुट गए हैं और राजनीतिक दलों की रणनीति भी अब साफ होती नजर आ रही है।

