Jharkhand cabinet meeting
रांची। रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड कैबिनेट की वर्ष 2026 की पहली बैठक आयोजित की गई, जिसमें कुल 30 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने पत्रकारों को फैसलों की विस्तृत जानकारी दी। इन निर्णयों में महिलाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा और विधायी प्रक्रियाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है, जो राज्य की जनकल्याणकारी नीतियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
मुख्य निर्णय इस प्रकार हैं
झारखंड राज्य विधि आयोग की कार्यावधि विस्तार:
कैबिनेट ने झारखंड राज्य विधि आयोग की कार्यावधि को 13 नवंबर 2027 तक बढ़ाने की स्वीकृति दी। इससे आयोग को कानूनी सुधारों और सिफारिशों पर निरंतर काम करने का मौका मिलेगा।
जमशेदपुर महिला महाविद्यालय में पदों का पुनर्गठन: जमशेदपुर महिला महाविद्यालय में शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन को मंजूरी मिली। इससे कॉलेज में शिक्षा की गुणवत्ता और प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी।
नारी अदालत योजना की शुरुआत: मिशन शक्ति के तहत ‘नारी अदालत’ योजना को हरी झंडी दिखाई गई। इस योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर छोटे-मोटे अपराधों और विवादों की सुनवाई महिला समूहों द्वारा की जाएगी। शुरुआत रांची सहित 10 जिलों के 10 पंचायतों में होगी। यह योजना महिलाओं को न्याय के करीब लाने और स्थानीय स्तर पर सुलह-समझौते को बढ़ावा देने वाली है।
बजट सत्र की तारीखें तय: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट सत्र 18 फरवरी से 19 मार्च 2026 तक आहूत करने की स्वीकृति दी गई. इस सत्र में राज्य का वार्षिक बजट पेश किया जाएगा.
द्वितीय अनुपूरक व्यय की स्वीकृति: वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए द्वितीय अनुपूरक व्यय की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की गई। इससे विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध होगी।
राज्य स्वास्थ्य बीमा योजना में संशोधन: राज्य स्वास्थ्य बीमा योजना में महत्वपूर्ण बदलाव को मंजूरी मिली। अब लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक की अग्रिम राशि मिल सकेगी।साथ ही, विधानसभा कर्मियों के लिए यह स्वास्थ्य बीमा योजना वैकल्पिक (ऐच्छिक) कर दी गई है। यह बदलाव कर्मचारियों और आम जनता के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाएगा।
कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत प्रस्तावों को शीघ्र और प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। बैठक में लिए गए फैसले झारखंड के सर्वांगीण विकास, सामाजिक न्याय और जनकल्याण की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखे जा रहे हैं।
