Hotwar Jail Exposed:
रांची। झारखंड की बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल, होटवार से एक बार फिर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एनआईए के बंदी प्रभु साहू पर आरोप है कि वह जेल के अंदर अवैध रूप से कैंटीन संचालित कर रहा है और उसके जरिए कैदियों से मोटी रकम की वसूली की जा रही है। इतना ही नहीं, उस पर मोबाइल सप्लाई करने के एवज में पैसे लेने का भी आरोप लगा है।
शिकायत में कहा गया है कि……
इस पूरे मामले की शिकायत अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के प्रदेश प्रभारी राजेश सिंह ने जेल आईजी सुदर्शन प्रसाद मंडल से की है। शिकायत में कहा गया है कि प्रभु साहू के नियंत्रण में चल रही कैंटीन से कैदियों को प्याज 150 रुपये किलो और टमाटर 100 रुपये किलो में बेचा जा रहा है। इतना ही नहीं, प्रत्येक कैदी से महीने के खाने के लिए 7000 रुपये तक वसूले जाने की बात भी सामने आई है।
राजेश सिंह का आरोप:
राजेश सिंह का आरोप है कि जेल के अंदर यह पूरा नेटवर्क टेंपो के जरिए सामान और मोबाइल फोन मंगाकर चलता है। बाद में ये मोबाइल कैदियों को ऊंची कीमत पर बेचे जाते हैं। इस खुलासे के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर फिर से सवाल उठे हैं।
क्या है मामला?
गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले होटवार जेल में बंद शराब और जीएसटी घोटाले के आरोपियों की पार्टी का वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद असिस्टेंट जेलर देवनाथ राम और जमादार विनोद कुमार यादव को निलंबित किया गया था। इसके बाद दिनेश प्रसाद वर्मा को नया असिस्टेंट जेलर बनाया गया था, लेकिन मात्र 5 दिनों में ही उनका धनबाद जेल में तबादला कर दिया गया।
जेल आईजी ने आदेश जारी करते हुए कहा:
जेल आईजी ने आदेश जारी करते हुए कहा कि तबादला कार्यहित में तत्काल प्रभाव से किया गया है। हालांकि, सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह तबादला भी जांच की आंच का नतीजा है। लगातार हो रहे खुलासे यह संकेत दे रहे हैं कि होटवार जेल के अंदर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का गहरा नेटवर्क सक्रिय है, जिसकी परतें अब धीरे-धीरे खुल रही हैं।

