झारखंड का भारतीय खेलों में योगदान [Jharkhand’s contribution to Indian sports]

2 Min Read

झारखंड प्राकृतिक संसाधनों और सांस्कृतिक विविधता से समृद्ध राज्य, भारतीय खेल जगत में भी अपनी विशेष पहचान रखता है। यहाँ के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर देश को गर्वित किया है।

प्रमुख खेल और खिलाड़ी

  1. हॉकी का गढ़
    झारखंड को हॉकी का गढ़ माना जाता है। सिमडेगा, खूंटी और रांची जैसे जिलों ने भारत को अनेक होनहार हॉकी खिलाड़ी दिए हैं।
    o जयपाल सिंह मुंडा: भारतीय हॉकी टीम के पहले कप्तान, जिन्होंने 1928 के एम्सटर्डम ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता।
    o निक्की प्रधान और सलीमा टेटे: भारतीय महिला हॉकी टीम की सदस्य, जिन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
  2. क्रिकेट में योगदान
    झारखंड क्रिकेट के क्षेत्र में भी पीछे नहीं है।
    o महेंद्र सिंह धोनी: रांची के रहने वाले धोनी न केवल भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक हैं, बल्कि उन्होंने क्रिकेट को झारखंड में लोकप्रिय बनाया।
    o वरुण आरोन और ईशान किशन: क्रिकेट में उभरते हुए झारखंड के सितारे हैं।
  3. एथलेटिक्स और अन्य खेल
    झारखंड के खिलाड़ी एथलेटिक्स, तीरंदाजी, और फुटबॉल में भी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।
    o दीपिका कुमारी: तीरंदाजी की दुनिया में दीपिका का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है।
    o झारखंड फुटबॉल टीम: राष्ट्रीय स्तर पर कई बार अपनी प्रतिभा साबित की है।
    राज्य सरकार ने खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए खेल सुविधाओं का विस्तार किया है। रांची में स्थित बिरसा मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम और एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम इसका उदाहरण हैं। इसके अलावा, खेल विश्वविद्यालय और अकादमियों की स्थापना से खिलाड़ियों को लाभ हो रहा है।
    हालांकि झारखंड के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कमी और वित्तीय सहायता की अनुपलब्धता अभी भी बड़ी चुनौती है। ग्रामीण क्षेत्रों में छुपी हुई प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए सरकार और निजी क्षेत्र को मिलकर प्रयास करना होगा।

इसे भी पढ़ें

खेलो झारखंड के अंतर्गत खेल प्रतियोगिता का हुआ समापन समारोह

Share This Article
Exit mobile version